चंडीगढ़, 24 अक्टूबर | पंजाब सरकार ने राज्य के अधिकारियों, कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके आश्रितों के चिकित्सा बिलों के लिए कमरे के किराए की दरों में संशोधन और वृद्धि की है। यह बदलाव 1 दिसंबर 2023 से प्रभावी होगा। अब चिकित्सा बिलों की प्रतिपूर्ति अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली की नई दरों के अनुसार की जाएगी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, पंजाब ने इस संबंध में सिविल सर्जनों को निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के मुताबिक राज्य के राजपत्रित और अराजपत्रित अधिकारियों के लिए कक्ष और आईसीयू किराये की दरों में बदलाव किया गया है।
नए नियमों के तहत राजपत्रित अधिकारियों के लिए कमरे का किराया 6,000 रुपये प्रति दिन और आईसीयू का किराया 7,000 रुपये प्रति दिन होगा। जबकि गैर-राजपत्रित कर्मचारियों के लिए ये दरें क्रमशः कमरे के किराए के लिए 3,000 रुपये प्रति दिन और आईसीयू के लिए 4,000 रुपये प्रति दिन होंगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि मेडिकल बिलों का भुगतान एम्स, नई दिल्ली की नई दरों के अनुसार किया जाएगा। पहले पुरानी दरों पर भुगतान होता था लेकिन अब एम्स ने रूम और आईसीयू चार्ज बढ़ा दिया है जिसके आधार पर यह नई व्यवस्था लागू की गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी सिविल सर्जनों को इन दरों का सख्ती से पालन करने और इसी आधार पर मेडिकल बिल का भुगतान करने का निर्देश दिया है। ये आदेश विभाग के सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद जारी किये गये हैं।
सभी सिविल सर्जनों को 1 दिसंबर 2023 के बाद सभी इलाज बिलों में इन नई दरों का अनुपालन करने का निर्देश दिया गया है। इसमें कमरे के किराए के साथ-साथ आईसीयू में भर्ती मरीजों के लिए नई दरें शामिल होंगी।



