नई दिल्ली। तिहाड़ जेल में बंद पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को देश के नाम खुला पत्र लिखा। भाजपा की केंद्र सरकार पर षड्यंत्र का आरोप लगाते हुए सिसोदिया ने लिखा कि भाजपा लोगों को जेल में डालने की राजनीति कर रही है। हम बच्चों को पढ़ाने की राजनीति कर रहे हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का गुनाह इतना है कि प्रधानमंत्री के समक्ष वैकल्पिक राजनीति खड़ी कर दी, इसलिए केजरीवाल सरकार के दो मंत्री फिलहाल जेल में हैं। जेल की राजनीति भले ही सफल होते दिख रही है, लेकिन भारत का भविष्य स्कूल की राजनीति में है। अगर पूरे देश की राजनीति तन-मन-धन से शिक्षा के क्षेत्र को आगे बढ़ाने के काम में जुट गई होती तो देश में हर बच्चे के लिए विकसित देशों की तरह अच्छे स्कूल बन गए होते।
सिसोदिया ने पत्र में लिखा है कि जेल के अंदर से देख पा रहा हूं कि जब राजनीति में सफलता जेल चलाने से मिल जा रही है तो स्कूल चलाने की राजनीति की भला कोई जरूरत क्यों महसूस करेगा। सत्ता के खिलाफ उठने वाली आवाज को जेल भेजना बच्चों के लिए अच्छे स्कूल-कॉलेज खोलने से कहीं ज्यादा आसान है। एक बार शिक्षा की राजनीति राष्ट्रीय फलक पर आ गई तो जेल की राजनीति हाशिए पर ही नहीं, बल्कि जेल भी बंद होने लगेंगी।
सत्ता के खिलाफ उठी आवाज को दबाया जा रहा
सिसोदिया ने पत्र में लिखा है कि तस्वीर एकदम साफ दिख रही है। जेल की राजनीति सत्ता में बैठे नेता को और बड़ा व ताकतवर बना रही है। शिक्षा की राजनीति के साथ समस्या यही है कि यह नेता को नहीं देश को बड़ा बनाती है। जब शिक्षा लेकर देश के कमजोर से कमजोर परिवार का बच्चा भी मजबूत नागरिक बनता है तो देश ताकतवर बनता है। देश साफ-साफ देख रहा है कि कौन खुद को बड़ा बनाने की राजनीति कर रहा है और कौन देश को बड़ा बनाने की राजनीति कर रहा है।