(मास्टर अजीत सिंह का पहला उपन्यास, दीशो भाभी, डॉ. वर्मा और संत सुखजीत सीचेवाल द्वारा लोकार्पित )
सुल्तानपुर लोधी 3 अप्रैल (डॉ. सुनील धीर) निर्मल कुटिया सुल्तानपुर लोधी में साहित्य सभा सुल्तानपुर लोधी और अरमान फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक प्रभावशाली साहित्यिक कार्यक्रम के दौरान पंजाबी भाषा के प्रमुख विद्वान डॉ. सतीश कुमार वर्मा और संत सुखजीत सिंह सीचेवाल ने सेवानिवृत्त मास्टर अजीत को सम्मानित किया और उन्होंने उनकी कृति दीशो भाभी को लोकार्पित करने की रस्म अदा की। इस मौके पर प्रधानगी मंडल में डॉ. सतीस कुमार वर्मा, संत सुखजीत सिंह सीचेवाल, डॉ. अजय शर्मा, डॉ. सुधीर शर्मा डीएवी इंजीनियर कॉलेज, डॉ. स्वर्ण सिंह, परमजीत सिंह मानसा शामिल थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. सतीश कुमार वर्मा ने अपने शुद्ध पंजाबी एवं विद्वतापूर्ण भाषण में पंजाबी भाषा की महानता का विस्तार से वर्णन किया तथा अंग्रेजी, उर्दू, हिंदी एवं विश्व की प्रमुख भाषाओं के प्रारंभिक एवं प्रमुख लेखकों का वर्णन किया। उन्होने कहा कि पंजाब की भूमि ऋग्वेद की जन्मस्थली है।
उन्होंने दर्शकों से इस कभी न ख़त्म होने वाली ज़ुबान से प्यार करने की अपील की । इस अवसर पर उन्होंने संत बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल के पर्यावरण प्रेम पर विशेष रूप से प्रकाश डाला।
इस अवसर पर संत सुखजीत सिंह सीचेवाल ने अपने संबोधन में कहा कि हम मास्टर अजीत सिंह को बधाई देते हैं जो विदेश में रहकर भी पंजाबी भाषा से जुड़े हुए हैं और उनके उपन्यास के विमोचन पर भी उन्हें बधाई देते हैं। मंच सचिव की भूमिका कवि मुख्तियार सिंह चंदी ने बखूबी निभाई।
इस अवसर पर पुशपिंदर सिंह, मास्टर सुच्चा सिंह मिर्ज़ापुर, सुखजीत कौर मिर्ज़ापुर, सुरिंदर खीवा, दयाल सिंह दीपे वाल, मास्टर गुरशरण, बलवीर शेरपुरी, मुकंद सिंह सैदोभलाना, पर्सन लाल भोला, बलविंदर सिंह धालीवाल, कंडा, चरण सिंह के सहयोग से हैबतपुर, गुरमेल जैनपुरी, करनैल सिंह, रविंदर कौर टिब्बा, कुलबीर मिंटू, मास्टर दलीप सिंह, दर्शन सिंह हाजीपुर, मास्टर लिवतार सिंह, हरजिंदर सिंह नसीरपुर, बलवीर सिंह मल्लियां, परमजीत सिंह गांधरी आदि मौजूद थे।
कैप्शन: उपन्यास दीशो भाभी को लोकार्पित करते हुए डा सतीश वर्मा एवं संत सुखजीत सिंह सीचेवाल व अन्य।



