नई दिल्ली, फऱवरी। भारतीय टीम के युवा बल्लेबाज सचिन दास की हर तरफ चर्चा हो रही है। होगी भी क्यों नहीं, इस युवा बल्लेबाज ने मंगलवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शानदार पारी खेलकर भारत को अंडर-19 वर्ल्ड कप 2024 फाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका जो निभाई।
सचिन दास जब क्रीज पर आए तब भारतीय टीम 32/4 के स्कोर पर संघर्ष कर रही थी। यहां से सहारन के साथ दास ने शानदार साझेदारी की और भारतीय टीम फाइनल में पहुंचने में सफल हुई।
सचिन दास महाराष्ट्र के बीड़ में मराठवाड़ा क्षेत्र के हैं। दास को तब पहचान मिली जब 2023 महाराष्ट्र प्रीमियर लीग में उन्होंने केदार जाधव के नेतृत्व वाली कोल्कापुर टस्कर्स का प्रतिनिधित्व किया था। इसके बाद अंडर-19 वर्ल्ड कप में दास ने सुर्खियां बटोरी, जब उन्होंने नेपाल के खिलाफ सुपर सिक्स मैच में शतक जमाया।
हालांकि, सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ युवा दास ने दिखाया कि वो इस खेल में कुछ बड़ा करने आए हैं। काफी समझदारी से अपनी पारी आगे बढ़ाने वाले दास की हर तरफ चर्चा हो रही है।
तेंदुलकर से प्रेरित होकर रखा नाम
सचिन दास के पिता संजय ने खुलासा किया कि वो सुनील गावस्कर और सचिन तेंदुलकर के बड़े प्रशंसक रहे हैं। संजय ने कहा कि उन्होंने अपने बेटे का नाम तेंदुलकर से प्रेरित होकर रखा। संजय महाराष्ट्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं। दास ने 10 नंबर की जर्सी भी इसलिए पहनी है क्योंकि वो सचिन तेंदुलकर के बड़े चाहने वाले हैं।
मैं सुनील गावस्कर का बड़ा प्रशंसक हूं, लेकिन मैंने अपने बेटे का नाम दूसरे पसंदीदा सचिन तेंदुलकर के नाम पर रखा है। ऐसा इसलिए क्योंकि वो तेंदुलकर के साथ खुद को जोड़ सकता है। अभी इसकी पीढ़ी गावस्कर सर को क्या समझेगी? वो नंबर-10 जर्सी इसलिए पहनता है क्योंकि तेंदुलकर को बहुत मानता है।



