चंडीगढ़,27दिसंबर | छोटे साहिबजादों की शहादत को लाखों लोग नमन कर रहे हैं, लेकिन बलिदान दिवस पर केंद्र सरकार ने पंजाब के साथ धोखा किया है। हमें आज पत्र मिला। 26 जनवरी को निकलने वाली परेड में पंजाब से पूछा गया कि क्या आपके राज्य से झांकी निकाली जाएगी? हमने इस बारे में 4 अगस्त 2023 को केंद्र सरकार को लिखा था कि हम अगले तीन साल के लिए यह टेबल लगाना चाहते हैं? हमसे तीन विकल्प पूछे गये तो हमने तीन प्रस्ताव तैयार किये। पहला- पंजाब के बलिदानों और शहादतों का इतिहास, माई भगोना- नारी सशक्तिकरण और पंजाब की समृद्ध विरासत और उसकी प्रस्तुति। हम सभी ने दो-दो डिज़ाइन भेजे।
पहले में भगत सिंह, साइमन कमीशन गो बैक, दूसरे में भी लगभग वैसा ही था। दूसरी माई भागो – पहली महिला योद्धा ——– एक स्त्री शक्ति के रूप में प्रस्तुत की गई। तीसरे में पंजाब की संस्कृति को प्रस्तुत किया गया। इन तीनों के दो-दो डिजाइन भेजे गए थे। केंद्रीय समिति के साथ तीन बैठकें और चर्चाएँ हुईं।
आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री मान ने कहा कि हमें इनमें से कोई भी झांकियां बाहर निकालने की इजाजत नहीं दी गई। पिछले साल भी नहीं दिया गया थी। बीजेपी ने इसका भी बीजेपीकरण कर दिया है।
मुख्यमंत्री होने के नाते इसका विरोध करना मेरा कर्तव्य है। ये झांकियां अब पंजाब में दिखाई जाएंगी। हमे अपनी विरासत दिखाने से कोई नहीं रोक सकता।
मुख्यमंत्री ने झांकी नहीं दिखाने के पत्र की आलोचना की निंदा की। उन्होंने कहा कि पंजाब के साथ भेदभाव किया जा रहा है। मुझे समझ नहीं आ रहा कि आज बीजेपी नेता इस पर क्या कहेंगे। मुझे लगता है कि वे पंजाब को चुनौती दे रहे हैं।



