होशियारपुर। एक निजी अस्पताल का चौंकाने वाला कारनामा सामने आया है। जिस व्यक्ति को निजी अस्पताल ने इलाज के दौरान मृत घोषित कर दिया, वह पी.जी.आई चंडीगढ़ पहुंचा और जिंदा घर लौट आया। घर लौटते ही होशियारपुर के नांगल शहीदां गांव के बहादुर सिंह ने अस्पताल के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करायी।
बहादुर सिंह की पत्नी ने बताया कि उनके पति को खांसी की शिकायत थी। वह उसे होशियारपुर के राम कॉलोनी कैंप के एक निजी अस्पताल में ले गई। अस्पताल के स्टाफ ने उन्हें गंभीर मामला मानकर भर्ती किया और बाद में कहा कि बहादुर सिंह की मौत हो गई है, लेकिन उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों की एक नहीं सुनी।
तुरंत एंबुलेंस बुलाई गई और बहादुर सिंह को पी.जी.आई चंडीगढ़ ले जाया गया। पी.जी.आई के डॉक्टरों ने बहादुर सिंह को एक दिन भर्ती रखा और अगले दिन ठीक होने पर छुट्टी दे दी। बहादुर सिंह, जिन्हें अब मृत घोषित कर दिया गया है, अपनी पंचायत और परिवार के सदस्यों के साथ अस्पताल के बाहर धरने पर बैठे हैं।
बहादुर के परिजनों ने कहा कि अस्पताल के डॉक्टरों ने पहले उसके सारे बिल चुकाए और बाद में कहा कि वेंटिलेटर हटते ही मरीज की मौत हो जाएगी। वेंटीलेटर हटा तो वह बहादुर को एंबुलेंस में डालकर पी.जी.आई चंडीगढ़ ले गए। बिना वेंटिलेटर सपोर्ट के पीजीआई पहुंचे।
अस्पताल के बाहर प्रदर्शन और माहौल तनावपूर्ण होता देख पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। बहादुर सिंह ने अपनी पंचायत सहित पुलिस को लिखित शिकायत देकर अस्पताल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने को कहा है। थाना मॉडल टाउन के प्रभारी हरप्रीत सिंह ने बताया कि बहादुर सिंह के परिजनों ने तहरीर दी है। पुलिस पहले पूरे मामले की जांच करेगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे। उनके आधार पर मामला दर्ज किया जाएगा।



