शहडोल। आदिवासी बाहुल्य जिले शहडोल से दिल दहला देने वाली खबर है। यहां आज भी झाड़फूंक, दगना कुप्रथा आज भी जारी है। अंधविश्वास के चलते इलाज के नाम पर मासूम बच्चों को गर्म सलाखों से दागने के दर्जनों मामले जिल में सामने आ चुके हैं। ऐसा ही एक मामला जिले के सिंहपुर कठौतिया गांव से सामने आया है ।यहां निमोनिया व सांस लेने में तकलीफ होने पर 3 माह की बीमार मासूम दुधमुंही बच्ची का झाड़फूंक करवाया गया. इस दौरान बच्ची को 51 बार गर्म सलाखों से पेट में दागा गया। इस वजह से बच्ची की हालत और गंभीर हो गई। हालात ज्यादा बिगड़ने पर मेडिकल कॉलेज शहडोल में बच्ची को भर्ती कराया गया था। यहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई.



