पंजाब के राज्यपाल के पास पहुंचा निजी स्कूलों की ‘जांच’ का मामला
मान्यता प्राप्त विद्यालयों में 25 प्रतिशत कोटा सीटों की बहाली का भी उठाया मुद्दा
अमृतसर। राज्य भर के मान्यता प्राप्त स्कूलों के ‘निरीक्षण’ का मामला पंजाब के राज्यपाल के पास पहुंच गया है।गौरतलब है कि कल शाम जब पंजाब के राज्यपाल श्री बनवारी लाल परोहित अपने सीमावर्ती जिलों के दौरे के दौरान गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर के गेस्ट हाउस पहुंचे तो श्री सतनाम सिंह के नेतृत्व में अल्पसंख्यक लोक भलाई संस्था के पांच सदस्यीय ‘प्रतिनिधिमंडल’ ने पंजाब के राज्यपाल से मुलाकात की।
इस अवसर पर सतनाम सिंह गिल ने राज्य भर के कमजोर वर्ग के करोड़ों बच्चों के हक में राज्यपाल के समक्ष आवाज़ उठाई और कहा कि मान्यता प्राप्त स्कूलों से गरीब बच्चों को मुफ्त गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने के उद्देश्य को पूरा करने के राज्य सरकार ने 18 नवंबर को निर्णय लिया है। 2010 में शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत राज्य भर के सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों को कोटे का 25% निर्धारित ब्याज आरक्षित ‘सीआईटीए’ बहाल करने के लिए बाध्य किया गया था, लेकिन स्थिति यह है कि वर्ष से 2010 से चालू वर्ष तक, 13 वर्षों के लिए, एक भी स्कूल ने 25% कोटा सीटों को बहाल करने के लिए सार्वजनिक रूप से हस्तक्षेप नहीं किया है।
अल्पसंख्यक लोक भलाई संस्था के अध्यक्ष सतनाम सिंह गिल ने राज्यपाल पंजाब के संज्ञान में लाया है कि आरटीई एक्ट 2009 के तहत नर्सरी से 8वीं तक मान्यता हर साल बढ़ रही है, लेकिन आरटीई एक्ट का उल्लंघन किया जा रहा है। उन्होंने पंजाब के राज्यपाल को यह भी बताया कि पंजाब राज्य बाल अधिकार आयोग ने हस्तक्षेप करते हुए डीपीआई पंजाब एएल/एस को एक पत्र लिखा था जिसमें आरटीई उल्लंघन में शामिल स्कूलों की पहचान करने के लिए एक एसआईटी का गठन किया गया था।लेकिन अब तक बाल अधिकार संरक्षण का पत्र डीपीआई कार्यालय द्वारा आयोग की अनदेखी की गई है।
महासचिव गुरप्रीत सिंह जोधे, उपाध्यक्ष गुरमेल सिंह जोधा, पी.ए गुरप्रीत सिंह खालसा, अमन खलेहरा सहित अध्यक्ष सतनाम सिंह गिल ने शिकायत की प्रति पंजाब के राज्यपाल को सौंपी है और मांग की है कि पंजाब आरटीई के खिलाफ कार्रवाई करे। मान्यता प्राप्त स्कूलों के प्रॉस्पेक्टस और स्व-घोषणा पत्रों सहित जांच करने के लिए आयोग का गठन किया जाना चाहिए।
पंजाब के राज्यपाल: पंजाब के राज्यपाल श्री बनवारी लाल प्रोहित ने अल्पसंख्यक लोक भलाई संस्था के ‘प्रतिनिधिमंडल’ से मुलाकात करते हुए प्रमुख सचिव श्रीमती राखी गुप्ता भंडारी को निर्देश दिया है कि राज्य ने इसे लागू करने में प्रयोग किया है। आरटीई.कौताही राज्य से स्थिति रिपोर्ट मांगी जाए और शिकायत का समय पर समाधान करने के लिए तत्काल उचित कार्रवाई की जाए।



