जालंधर। देर रात नगर निगम ने जिला खेल अधिकारी कार्यालय के पास स्थित दरगाह की दीवार को जेसीबी से तोड़ दिया जैसे ही नगर निगम की कार्रवाई की जानकारी मुस्लिम समुदाय को हुई तो वे भड़क गए। नगर निगम आयुक्त अभिजीत कपलिश के मॉडल टाउन स्थित आवास के बाहर लोगों ने जमा होकर धरना दिया और नारेबाजी की।
लोगों के हंगामा करने की सूचना मिलते ही डी.सी.पी जगमोहन सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों को समझाया कि वह सुबह अधिकारियों से बात कर मामले का समाधान कराएंगे। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कहा कि निगम रातों-रात यह दीवार बना कर दे जिस तरह से उन्होने तोड़ी है।
इस पर डी.सी.पी जगमोहन ने कहा कि भरोसा रखिए, वह सुबह 11 बजे निगम अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। उनके पास जो भी समस्या है, वे उसे खुद ही सुलझा लेंगे। इसके बाद धरना देेने वाले लोग उठे और चले गए।
मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कहा कि उनके समुदाय को दबाने की कोशिश की जा रही ह। लेकिन उसे दबाया नहीं जा सकता। दरगाह की दीवार पर नहीं बल्कि उनकी आस्था पर निगम ने बुलडोजर चलाया है। उन्होंने कहा कि यदि कल 11 बजे तक कोई समाधान नहीं हुआ तो निगम द्वारा दीवार निर्माण का विरोध कर सड़क जाम कर दिया जायेगा।
दरगाह की दीवार तोड़े जाने पर मुस्लिम समुदाय के लोगों का कहना है कि अगर निगम को लगता कि दीवार गलत है तो वह नोटिस जारी कर चेतावनी पत्र जारी करता, लेकिन निगम ने रात में चोरों की तरह काम किया है।बिना किसी सूचना के। समुदाय के नेताओं का कहना है कि अगर किसी भी अवैध निर्माण को कानून के मुताबिक गिराना है तो नोटिस देना जरूरी है। लेकिन निगम ने किसी नियम का पालन नहीं किया।
दरगाह की दीवार तोड़ने को लेकर अधिकारी आमने-सामने आ गए हैं। वक्फ बोर्ड के प्रशासक ए.डी.जी.पी एम.एफ फारूकी ने कहा कि जिस जमीन पर निगम ने दीवार गिराई है वह वक्फ बोर्ड की है। उनकी जमीन को ढकने के लिए दीवार बना दी गई ताकि कोई अतिक्रमण न कर सके अगर निगम के पास कोई दस्तावेज हो तो दिखाये। बिना सूचना के दीवार गिराना गलत है।
वहीं नगर निगम आयुक्त अभिजीत कपलिश ने कहा कि यह जमीन नगर निगम की है। जगह को सुरक्षित करने के लिए कार्रवाई की गई है। कपलिश ने कहा कि अगर वक्फ बोर्ड ने कब्जा दाखिल किया होता या कब्जा वारंट होता तो वह कब्जा ले लेता। आयुक्त ने कहा कि यह ट्रेस पासिंग का मामला है।



