रूपनगर। रूपनगर में सहायक प्रोफेसर बलविंदर कौर की आत्महत्या (Assistant Female Professor Suicide) के बाद इंसाफ को लेकर तीन दिनों से सिविल अस्पताल के समक्ष चल रहा धरना वीरवार को स्वजनों और प्रशासन के बीच बनी सहमति के बाद समाप्त हो गया। बुधवार देर शाम पहले एसएसपी विवेकशील सोनी और उसके बाद देर रात डीआइजी गुरप्रीत सिंह भुल्लर और डीसी प्रीती यादव ने बलविंदर के परिवार तथा यूनियन के साथ मुलाकात की।
परिवार को तो अंतिम रस्मों के लिए सहमत कर लिया गया, लेकिन यूनियन के साथ हुई बैठक में कोई हल न निकला। परिवार ने बलविंदर कौर की पांच साल बेटी को सरकारी नौकरी देने की मांग रखी थी। डीसी व एसएसपी ने परिवार को लिखित में दिया कि बच्ची को समय आने पर योग्यता के अनुसार नौकरी दी जाएगी। परिवार की सहमित के बाद बलविंदर कौर के शव का वीरवार को उसके गांव बस्सी में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
यह था मामला
बलविंदर का शव 23 अक्टूबर को नहर से बरामद किया गया था और पिछले तीन दिनों से यह सिविल अस्पताल के शव गृह में पड़ा था। उन्होंने बताया कि पंजाब के सरकारी कॉलेजों में पिछले 25 वर्ष से कोई पक्की भर्ती नहीं हुई। दिसंबर 2021 में 1158 प्रोफेसरों और लाइब्रेरियन की भर्ती हुई थी। पिछले करीब दो वर्ष से यह भर्ती कांग्रेस और आप सरकार की ढीली नीति के कारण हाईकोर्ट में लटक रही है। इससे निराश होकर प्रोफेसर बलविंदर कौर ने अपनी जान दे दी।



