काबुल, एएनआई/नई दिल्ली। तालिबान हकूमत के तहत अफगान महिलाओं के अधिकारों पर अंकुश लगा दिया गया है। इस्लामिक सहयोग संगठन ने शिक्षा और रोजगार के लिए महिलाओं के अधिकारों पर चर्चा करने के लिए अफगानिस्तान में एक प्रतिनिधिमंडल भेजने की योजना बनाई है। सऊदी अरब के जेद्दा में हुई एक बैठक में इस्लामिक सहयोग संगठन के महासचिव हिसेन ब्राहिम ताहा ने कहा कि अफगानिस्तान में महिलाओं के अधिकारों पर तालिबान की तरफ से लगाए गए प्रतिबंधों पर चिंताओं को उजागर करना समय की जरूरत है। उन्होंने का कि ये मिशन अफगान महिलाओं और लड़कियों के रोजगार, शिक्षा और सामाजिक न्याय के मौलिक अधिकारों के खिलाफ तालिबान सरकार की कार्रवाइयों पर ध्यान केंद्रित करेगा।
दुनियाभर से आलोचना के बावजूद अफगानिस्तान में महिलाओं पर तालिबानी अत्याचार लगातार जारी है। अफगानिस्तान ने कुछ दिन पहले ही घरेलू और विदेशी एनजीओ में महिलाओं को काम करने पर रोक लगा दी थी। तालिबान के इस कदम बाद महिला विश्वविद्यालय की छात्राओं और महिला कार्यकर्ताओं की तरफ से देश के कई हस्सों में विरोध किया गया था।
घरेलू और विदेशी एनजीओ में महिलाओं को काम करने पर लगी रोक का संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, यूरोपीय संघ (ईयू), संयुक्त राष्ट्र (यूएन), ओआईसी और अन्य अंतर्राष्ट्रीय सहायता संगठनों सहित कुछ विदेशी सरकारों ने कड़ी निंदा की थी। इतना ही नहीं तालिबान की कार्यवाहक सरकार से इस पर पुनर्विचार करने का आह्वान भी किया गया था।



