Sunday, June 14, 2026
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डेंगू में प्लेटलेट्स कम होने पर क्या नारियल पानी पीना सही है – पढ़िए पूरी खबर..

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लखनऊ/नई दिल्ली, 14 सितम्बर। शहर में इन दिनों डेंगू का कहर साफ तौर पर नजर आ रहा है। रोजाना 20 से 25 मामले डेंगू के आ रहे हैं। रविवार को हुई भारी बारिश के बाद डेंगू के मामलों में एकदम से बढ़ोतरी हुई है। सीएमओ कार्यालय की ओर से जारी किए क्या आंकड़ों के मुताबिक रोजाना लखनऊ में 20 से 25 नए मामले डेंगू के सामने आ रहे हैं। खास तौर पर शहर के अलीगंज, चंदर नगर, इंदिरा नगर के साथ ही सिल्वर जुबली में ज्यादा मामले मिल रहे हैं।

डेंगू में प्लेटलेट्स कम होने की वजह से लोग घरेलू नुस्खा अपनाते हुए जमकर नारियल पानी पी रहे हैं। लेकिन इस बीमारी में नारियल पानी सही उपाय है। इस बारे में लखनऊ के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल लोकबंधु के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी ने बताया कि वर्तमान में उनके अस्पताल में डेंगू के चार मरीज भर्ती हैं, जिनका इलाज किया जा रहा है।

आगे बताया कि बारिश के मौसम में हर साल मच्छरों से होने वाली बीमारियां बढ़ जाती हैं। इस बार डेंगू है, लेकिन उतनी गंभीर नहीं है। जितना पहले हुआ करती थी। यह भी बताया कि प्लेटलेट्स बढ़ जाने से डेंगू ठीक नहीं होता है।डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी ने बताया कि प्लेटलेट्स किसी भी बुखार में घट जाती हैं, जिससे मरीज को कमजोरी महसूस होती है। लेकिन, जैसे ही बुखार उतरता है प्लेटलेट्स अपने आप बढ़ने लग जाता हैं।

ऐसे में नारियल पानी या कोई भी घरेलू नुस्खा जैसे पपीते का पत्ता लोग चबाने लग जाते हैं, यह सब कुछ कम मात्रा में लिया जाए तो ठीक है लेकिन कुछ लोग अधिक मात्रा में इनका सेवन करते हैं, जो सेहत को बड़ा नुकसान पहुंचाता है। ज्यादा नारियल पानी लीवर पर भी हल्का प्रभाव डाल सकता है। पेट में गैस बना सकता है। नारियल पानी का प्लेटलेट्स बढ़ाने से कोई संबंध नहीं होता है।

कहा कि ऐसे में लोग इस गलतफहमी में न रहें कि आपको डेंगू है तो आप घर पर रहकर नारियल पानी पीते रहेंगे तो ठीक हो जाएंगे। आपको डॉक्टर के पास जाना होगा। जांच करानी होगी और डॉक्टर की बताई हुई दवाओं से ही डेंगू को ठीक किया जा सकता है। प्लेटलेट्स बुखार ठीक होने पर अपने आप बढ़ता हैं।

ऐसे करें बचाव
1.वाटर टैंक और कंटेनरों को ढक कर रखें, घर के अंदर और आसपास पानी जमा न होने दें।
2.अनावश्यक कन्टेनर, कबाड़, टायर और नारियल के खोल में पानी जमा न होने दें।
3.प्रत्येक सप्ताह कूलर का पानी बदलें।
4.घरों और होटल के वाटर टैंक में लार्वीवोरस फिश का उपयोग करें।
5.सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
6.दिन के समय मच्छरों के काटने से बचने के लिए फुल सिलिव्स के कपड़े पहनें, बुखार – आने पर चिकित्सक की सलाह पर दवा का उपयोग करें।

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