नई दिल्ली, 12 सितंबर | परिवहन मंत्री नितिन गडकरी वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए डीजल से चलने वाले वाहनों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त जीएसटी लगाने का प्रस्ताव वित्त मंत्रालय को देने जा रहे हैं।
गडकरी ये प्रस्ताव ऐसे समय में रखने जा रहे हैं जब भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए जी-20 में बायोगैस गठबंधन की नींव रखी है।
नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि प्रदूषण कम करने के लिए वह डीजल वाहनों और जेनसेट पर अतिरिक्त 10 फीसदी जीएसटी के रूप में ‘प्रदूषण कर’ लगाने की मांग करेंगे।
गडकरी ने कहा कि प्रदूषण का बढ़ता स्तर नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए खतरा है। उन्होंने आगे कहा कि आज शाम मैं वित्त मंत्री को एक पत्र देने जा रहा हूं, जिसमें डीजल वाहनों पर 10 फीसदी अतिरिक्त जीएसटी की मांग की जाएगी।
गडकरी ने ये भी कहा कि देश में पहले की तुलना में डीजल कारों में काफी कमी आई है और वाहन निर्माता कंपनियों को भी बाजार में डीजल गाड़ियाँ बेचना बंद कर देना चाहिए।
अब डीजल गाड़ियों को अलविदा कहने का समय आ गया है। डीजल एक खतरनाक ईंधन है और इससे चलने वाले वाहन बंद होने चाहिए। हम उन पर टैक्स बढ़ा देंगे।
देश में ज्यादातर कमर्शियल वाहन डीजल से चलते हैं। इस बीच यात्री वाहन निर्माता मारुति सुजुकी और होंडा ने देश में डीजल कारें बनाना बंद कर दिया है।



