मुफ्ती आरिफ जैसलमेरी सुम लुधियानवी, कन्वीनर जमीयत उलेमा पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और चंडीगढ़ ने प्रसन्नता व्यक्त की
कहा: मौलाना शेरपुरी की शख्सियत और उनकी बहुआयामी सेवाओं पर हमें फ़ख्र और नाज़ है
लुधियाना,1 दिसम्बर। फिदाए मिल्लत हज़रत मौलाना सैयद असअद मदनी के ख़लीफ़ा और मुजाज़, इलाके मारवाड़ राजस्थान के बाफ़ैज़ आलिम-ए-दीन, जमीयत उलेमा राजस्थान के अध्यक्ष और राजस्थान के सबसे बाफ़ैज़ संस्थान मदरसा इस्लामिया दारुल उलूम पोकरण के मह्तमिम और शैखुल हदीस हज़रत मौलाना क़ारी मोहम्मद अमीन शेरपुरी को बीते दिन भोपाल में आयोजित जमीयत उलेमा-ए-हिन्द की बैठक मजलिस-ए-मुन्तज़िमा में सर्वसम्मति से जमीयत उलेमा-ए-हिन्द का उपाध्यक्ष चुना गया है और इस चुनाव की पूरे देश में सराहना की जा रही है।
इस संबंध में मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए मुफ़्ती मोहम्मद आरिफ लुधियानवी, मुफ़्ती-ए-शहर लुधियाना, अध्यक्ष जमीयत उलेमा लुधियाना और कन्वीनर जमीयत उलेमा पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और चंडीगढ़ ने कहा कि जमीयत के अकाबिर का यह फैसला काबिले तारीफ और हक़ ब-हक़दार रसीद का मिसाल है। उन्होंने कहा कि अमीर-ए-शरीअत राजस्थान हज़रत मौलाना क़ारी मोहम्मद अमीन शेरपुरी हमारे मारवाड़ राजस्थान की उन चंद शख्सियतों में से एक हैं, जिनका इल्मी और दीनी तथा रूहानी व इस्लाही फ़ैज़ राजस्थान समेत पूरे देश में फैला और आम हुआ। मौलाना शेरपुरी ने जिस मुतानत और संजीदगी, ख़ामोशी, अख़लास और लिल्लाहियत तथा इस्तिक़लाल और इस्तिक़ामत के साथ अपने इल्मी, दीनी मिली और सामाजिक कामों को आगे बढ़ाया और उम्र के इस अंतिम दौर में भी वह जिस लगातार मज़बूत और तेज़ रफ़्तारी के साथ अपनी वक़ीअ सेवाओं का यह सफ़र जारी रखे हुए हैं, वह हम सबके लिए क़ाबिल-ए-तक़लीद और इत्तेबा की मिसाल है।
कन्वीनर जमीयत उलेमा मुत्तहिदा पंजाब मुफ़्ती मोहम्मद आरिफ जैसलमेरी सुम लुधियानवी ने कहा कि मौलाना कारी मोहम्मद अमीन शेरपुरी एक अकेली शख्सियत होते हुए भी एक कारवां के फ़राइज़ अंजाम दे रहे हैं। उनकी लगातार कोशिशों से सूबे भर में जमीयत उलेमा का प्लेटफॉर्म और मज़बूत व मुस्तहकम हुआ, इस महान प्लेटफॉर्म से यहां के आम और ख़ास की बाअसरीअ वाबस्तगी में इज़ाफ़ा हुआ और जमीयत उलेमा के कई शोबे राजस्थान के विभिन्न ज़िलों में ज़मीनी स्तर पर स्थापित हुए।
मुफ़्ती मोहम्मद आरिफ लुधियानवी ने अपने आबाई वतन और वहां की इल्मी व दीनी तारीख़ पर रोशनी डालते हुए कहा कि मौलाना मोहम्मद आलम गोमटवी का क़ायम किया हुआ मदरसा इस्लामिया दारुल उलूम पोकरण जिला जैसलमेर राजस्थान का एक तारीखी और केंद्रीय संस्थान है, जिसे तरक़्क़ी की दिशा देने में मौलाना दोस्त मोहम्मद कासमी, मौलाना रशीद अहमद कासमी और हाफ़िज़ ग़ुलामुल्लाह मांगोलाई जैसे अकाबिर ने गैर मामूली और बुनियादी किरदार अदा किया था। अब इस संस्थान के मह्तमिम और शैखुल हदीस के फ़राइज़ मौलाना क़ारी मोहम्मद अमीन शेरपुरी अंजाम दे रहे हैं और उनके छब्बीस–सत्ताईस साल के दौर-ए-इहतिमाम में इस तारीखी संस्थान ने तालीमी और तामीरी दोनों पहलुओं में बेमिसाल तरक़्क़ी की और इसकी तरक़्क़ियात का यह सफ़र आज तक जारी है।
मुफ़्ती-ए-शहर लुधियाना ने कहा कि राजस्थान के सैकड़ों मदरसें और जामियात मौलाना शेरपुरी की सरपरस्ती में चल रहे हैं और अपने शैख व मुर्शिद फ़िदाए मिल्लत हज़रत मौलाना सैयद असअद मदनी, पूर्व अध्यक्ष जमीयत उलेमा-ए-हिन्द के हुक्म और इशारे पर उन्होंने इस्लाह और तज़किया का जो सिलसिला शुरू किया, वह सिलसिला भी खूब तरक़्क़ी कर रहा है। माह-ए-रमज़ान की मुक़र्रर खानकाह के अलावा साल के आम महीनों में भी विभिन्न देहाती और शहरी इलाकों में उनकी मजलिसें आयोजित होती रहती हैं और इस पहलू से भी उनका फ़ैज़ दिन-ब-दिन बढ़ रहा है।
मुफ़्ती मोहम्मद आरिफ लुधियानवी ने कहा कि तमाम बाशिंदगान राजस्थान के लिए यह खुशी और प्रसन्नता का मौक़ा है कि इस सूबे से चुने गए मौलाना शेरपुरी जमीयत उलेमा-ए-हिन्द के पहले उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अकाबिर का यह फैसला अच्छे नताइज और सिफलताओं के आने का कारण बनेगा और मौलाना शेरपुरी का दायरा-ए-अफादियत और भी ज्यादा वसीअ होगा।



