Saturday, February 7, 2026
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अमृतसर यात्रा के दौरान क़ारी ज़ाकिर हुसैन ने ज्ञानी हरप्रीत सिंह से मुलाक़ात की

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देशवासियों का आपसी विश्वास और एकता ही देश को प्रगति की ओर ले जाएगी

दोनों नेताओं ने विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया

अमृतसर, 14 दिसंबर । देश के प्रसिद्ध धार्मिक और सामाजिक नेता क़ारी ज़ाकिर हुसैन क़ासमी ने पंजाब के दो दिवसीय दौरे के दौरान विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों को संबोधित किया। अमृतसर में आपने मदरसा ज़ीनतुल इस्लाम, जामिया मस्जिद ख़ैरुद्दीन, हाल बाज़ार में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए इस शहर और मस्जिद के उज्ज्वल इतिहास पर प्रकाश डाला।

पंजाब यात्रा के दौरान आपने दारुल उलूम मलेरकोटला, जामिया उलूम, टप्पा मंडी आदि विभिन्न स्थानों पर भी संबोधन किया। अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ अमृतसर में आपने पंजाब के पूर्व जत्थेदार अकाल तख़्त ज्ञानी हरप्रीत सिंह से मुलाक़ात की, जो सिख समाज की प्रमुख धार्मिक हस्तियों में से एक हैं और राष्ट्रीय व प्रांतीय राजनीति में उनका गहरा प्रभाव है।

हज़रत क़ारी ज़ाकिर हुसैन क़ासमी और ज्ञानी हरप्रीत सिंह के बीच कई राष्ट्रीय और देशव्यापी मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि हमारा देश विभिन्न धर्मों से जुड़े समाजों और संस्कृतियों का एक गुलदस्ता है और विविधता में एकता ही इसकी असली खूबसूरती और पहचान है। आवश्यकता है कि इस पहचान को और अधिक मज़बूत और सुंदर बनाया जाए, और इसके लिए सभी देशवासियों के बीच एकता और आपसी सद्भाव का बना रहना बेहद ज़रूरी है। इसके बिना न तो देश सही मायनों में प्रगति कर सकता है और न ही देशवासियों को वास्तविक शांति और सुकून मिल सकता है।

ज्ञानी साहब ने बातचीत के दौरान यह भी कहा कि सिख, मुस्लिम, हिंदू, ईसाई आदि विभिन्न धर्मों के लोगों के बीच कुछ बातों को लेकर छोटे-बड़े मतभेद पाए जाते हैं और कभी-कभी इन्हीं के आधार पर कड़वी घटनाएं भी सामने आ जाती हैं। इसलिए ज़रूरत है कि उच्च धार्मिक नेतृत्व आपसी दूरियों को कम करे और एक-दूसरे के नज़दीक आए, ताकि शंकाएं और भ्रम धीरे-धीरे समाप्त हों और लोग सतही बातों से ऊपर उठकर देश की प्रगति में अपना साझा योगदान दे सकें। हज़रत क़ारी ज़ाकिर हुसैन क़ासमी ने कहा कि सिख एक बहादुर और उदार क़ौम है और उनके साथ हमारे रिश्ते इतिहास का एक उज्ज्वल अध्याय हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे और उनके सहयोगी पिछले पच्चीस-तीस वर्षों से मैदान-ए-अमल में सक्रिय हैं और उनके कार्यकर्ता धर्म और समुदाय के भेद के बिना आगे भी इसी तरह यह काम जारी रखेंगे।

ज्ञानी हरप्रीत सिंह के विश्वासपात्र परमपाल सिंह ने पंजाब, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मुसलमानों की हालिया सेवाओं की खुले दिल से सराहना की और इसे दोनों समुदायों के आपसी संबंधों के लिए शुभ संकेत बताया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हर समाज में कुछ गिने-चुने लोग ऐसे होते हैं जिनकी बातों या कामों से कभी-कभी दूसरों को ठेस पहुंचती है, और ऐसे लोगों की सुधार और समझाइश करना हमारी नैतिक ज़िम्मेदारी है। उन्होंने सिख समाज की एक अच्छी विशेषता का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी एक टीम का काम ही यह है कि यदि किसी भी धर्म या उसके अनुयायियों के संबंध में हमारे किसी व्यक्ति से कोई आपत्तिजनक बात या काम हो जाता है, तो वह टीम तुरंत वहां पहुंचती है और ऐसे लोगों को समझाया जाता है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और आ रहे हैं।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुसलमानों और अन्य समुदायों को भी इस दिशा में ध्यान देना चाहिए और उनकी राष्ट्रीय व प्रांतीय नेतृत्व को इस पर मज़बूती से काम करना चाहिए। देश की प्रगति, स्थिरता और उसकी गंगा-जमुनी तहज़ीब को बनाए रखने के लिए यह कार्य अत्यंत आवश्यक है। इस मुलाक़ात के अवसर पर मुफ़्ती अब्दुल मलिक साहब क़ासमी (जनरल सेक्रेटरी, जमीयत उलमा मलेरकोटला), क़ारी सादिक साहब, डॉक्टर अरशद साहब, क़ारी मोहम्मद आदिल साहब, क़ारी अब्दुल माजिद (मुहतमिम, मदरसा अबू बकर सिद्दीक़, मुज़फ्फरनगर) और डॉक्टर मोहम्मद अख़लाक़ आदि भी उपस्थित रहे।

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