चंडीगढ़/शिमला। बीते 4 दिन की बारिश ने हिमाचल के कई हिस्से बर्बाद कर दिए हैं। यहां बीते एक हफ्ते में मानसून सामान्य कोटे से 103% ज्यादा बरसा है। दो महीने में लैंडस्लाइड की 112 तो बादल फटने की 4 से 5 घटनाएं हुईं। इससे 7200 करोड़ की अचल संपत्तियां बर्बाद हो गईं। 327 लोगों की जान चली गई, 1762 घर जमींदोज हो गए। राज्य सरकार ने पहली बार हुए इतने बड़े नुकसान के लिए केंद्र को ~6600 करोड़ का प्रस्ताव भेजा है। इससे पहले सर्वाधिक नुकसान का आंकड़ा 2500 करोड़ रु. था। राज्य में 950 सड़कें बंद हैं, इसलिए शिमला, अपर शिमला, कुल्लू, मनाली, लाहौल स्पीति, चंबा, किन्नौर के कई हिस्सों में दूध, खाद्य पदार्थों की सप्लाई नहीं हो पा रही है।
वहीं, करीब 35 सालों के बाद भाखड़ा बांध के फ्लड गेट खोले गए हैं और बांध में जरूरत से अधिक जमा हुए पानी को पंजाब में छोड़ा जा रहा है। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते भाखड़ा बांध में पानी का स्तर तय लेवल के करीब आते ही बांध के फ्लड गेट खोले गए हैं और इनको अगले शुक्रवार तक खोले रखा जाएगा। इस कारण 8 जिलों होशियारपुर, रोपड़, गुरदासपुर, कपूरथला, फिरोजपुर, फाजिल्का, अमृतसर, तरनतारन में फिर बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है।



