लुधियाना। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के VC ने विश्वविद्यालय की एक पूर्व छात्रा सहित 2 छात्राओं का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में एक सहायक प्रोफेसर को सस्पेंड कर दिया है। सहायक प्रोफेसर डॉ. युवराज सिंह पांधा पहले कीट विज्ञान विभाग में थे। यौन उत्पीड़न का मामला सामने आने के बाद हाल ही में उन्हें कपूरथला के अनुसंधान केंद्र में ट्रांसफर कर दिया गया था। प्रोफेसर पर आरोप है कि उन्होंने छात्राओं को आपत्तिजनक मैसेज भेजे। जिसके बाद ही VC डॉ. सतबीर सिंह गोसल ने डॉ. युवराज सिंह पांधा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर मामले की पड़ताल शुरू करवा दी है।
एक सप्ताह से अधिक समय पहले, विश्वविद्यालय के कुछ छात्रों ने एक महिला छात्र के साथ यौन उत्पीड़न के मामले को उजागर करते हुए पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित को पत्र लिखा था। जिसके बाद विश्वविद्यालय अधिकारियों द्वारा एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया था।
समिति की अध्यक्षता कृषि महाविद्यालय की डीन रविंदर कौर धालीवाल ने की। प्रारंभिक जांच में कमेटी ने डॉ. युवराज सिंह पांधा को आरोपी पाया। विश्वविद्यालय के अधिकारी ने पुष्टि की कि समिति ने पाया कि उसने छात्र को आपत्तिजनक संदेश भेजे थे। जिसके बाद प्रोफेसर को कपूरथला में पीएयू रिसर्च स्टेशन में स्थानांतरित कर दिया गया।कुछ समय बाद विश्वविद्यालय के अधिकारियों को एक पूर्व छात्रा से भी शिकायत मिली और वेरिफिकेशन के बाद अधिकारियों ने उन्हें निलंबित कर दिया है और समिति द्वारा इस मामले की गहनता से जांच करवाई जा रही है।



