नई दिल्ली। दिल्ली में सेवाओं के नियंत्रण पर केंद्र का अध्यादेश इस सप्ताह संसद में पेश किए जाने की संभावना है। दिल्ली के अध्यादेश के खिलाफ ज्यादातर विपक्षी पार्टियां एकजुट हैं और केंद्र के कदम को लोकतंत्र के खिलाफ बता रहे हैं। इस बीच, मामले में एआईएमआईएम (AIMIM) सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा महासचिव को एक नोटिस भेजा है, जिसके बाद ये साफ हो गया है कि वो कहां वोट करने वाले हैं।
इससे पहले शुक्रवार को संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा को सूचित किया कि विधेयक इस सप्ताह के लिए सरकार के विचाराधीन है। संसदीय कार्य राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने राज्यसभा को इस सप्ताह के सरकारी कामकाज की जानकारी दी। सरकार अब चालू मानसून सत्र में अपने विधायी कामकाज पर जोर दे रही है, जो शुरू होने के बाद से मणिपुर मुद्दे पर अटकी है।



