नई दिल्ली। बरसात के मौसम में ज्यादातर कीड़े-मकोड़े बाहर घुमते दिखाई देते है। इनमें ज्यादातर कीड़े-मकोड़े बारिश होते ही ये प्रजनन भी करते हैं और आसपास के इलाकों में फैलने लगते हैं। कई बार ये घरों की दीवारों तक भी पहुंच जाते हैं। ऐसे ही एक कीड़े का नाम है (Hairy caterpillar)। इसको हेयरी इल्ली, भूइला और जड़ेर जैसे कई नामों से जाना जाता है। ये कीड़ा सब्जियों के साथ या उनके पत्तों में घर तक चला आता है।
इसके अलावा घर में लगे पौधों से भी आ जाता है और परदों, बिस्तर और कई बार दीवार पर टंगे कपड़ों से चिपक जाता है। फिर इनके जरिए ये इंसानी शरीर तक आसानी से पहुंच जाता है। यही कीड़ा कई स्किन इंफेक्शन का कारण बन सकता है। कई बार ये लोगों को बीमार भी कर सकता है। आइए बेंगलुरु की डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. प्रीती से जानते हैं कि कैटरपिलर स्पंज किन परेशानियों का बन सकता है कारण और क्या हैं इसके बचाव-
एक्सपर्ट के मुताबिक, कपड़ों के जरिए आमजन तक पहुंचा हेयरी कैटरपिलर स्पंज, शरीर में रैशेज पैदा करता है, जिसे हेयरी कैटरपिलर रैश भी कहते हैं। बता दें कि, इस कीड़े के शरीर पर लगे स्पंज में कुछ ऐसा पदार्थ होता है, जोकि उसके छूने से शरीर में एलर्जी या इंफेक्शन होने लगती है।
ये पदार्थ इतना तेज होता है कि इसके छूते ही एक्जिमा (Eczema) हो जाता है, साथ ही स्किन पर पित्ती हो जाती है। ये पित्ती इतनी तेज फैलती है कि शरीर के अलग-अलग हिस्सों में हो जाती है। शरीर में इसकी होते ही शरीर में तेज खुजली होती है, जिससे शरीर लाल पड़ जाता है। कई बार ये इतनी तेज हो जाती है कि डॉक्टर तक की मदद लेनी पड़ती है।
कैटरपिलर स्पंज नाम के कीड़े के काटने या डंक मारने पर एहतियात जरूर बरतना चाहिए। इसके लिए सबसे पहले आप कुछ घरेलू प्राथमिक उपचार खुद ही करें। ताकि इंफेक्शन होने से बचाया जा सके। यदि आपको कीड़ा डंक मारे तो सबसे पहले त्वचा में इस कीड़े के डंक, टिक या बाल को हटा दें। साथ ही प्रभावित क्षेत्र को साबुन और पानी से धोएं।
ऐसा करने से शरीर में एलर्जी भी होने का खतरा कम हो जाएगा। इसके अलावा सूजन पर कम से कम 10-15 मिनट के लिए आइस पैक भी लगा सकते हैं। यदि संभव हो तो प्रभावित क्षेत्र को ऊपर उठाएं, ताकि सूजन को कम करने में मदद मिल सके। इसके अलावा कोशिश करें कि खुजली से पड़े फफोले को फोड़ने से बचें।



