चंडीगढ़। खेलों में अपना दम दिखा चुके हरियाणा इसी क्षेत्र में नई पहल करने जा रहा है। देश में पहली बार उच्चतर शिक्षा विभाग में भी स्पोर्ट्स पॉलिसी लागू की जाएगी। कॉलेज स्तर से ही खिलाड़ी तैयार करेंगे, जो देश-दुनिया के इवेंट्स में शामिल होंगे। सरकार की ओर से कॉलेजों में खेल एकेडमी खोली जाएंगी।
ग्रेडेशन पॉलिसी के अनुसार इनके खेल प्रमाण पत्रों के आधार पर ग्रेडेशन भी मिलेगा, जिससे नौकरी में लाभ मिलेगा। हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट की ओर से स्पोर्ट्स पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है, जिसके अनुसार 17 से 23 आयु वर्ग के विद्यार्थियों के अनुसार कुछ कॉलेजों में स्पोर्ट्स एकेडमी बनेगी। खिलाड़ियों की पहचान कर इनमें दाखिला दिया जाएगा। इन खिलाड़ियों का चयन पिछले प्रदर्शन और योग्यता से होगा। एकेडमी में खिलाड़ियों को भोजन, आवास, खेल किट, कोचिंग दी जाएंगी।
खिलाड़ियों को स्कॉलरशिप भी देंगे। एंटी डोपिंग कोड भी बनेगा। हर कॉलेज में खेल क्लब बनेगा। डिपार्टमेंट में स्पोर्ट्स सेल बनेगा, जो खेल पॉलिसी की मॉनिटरिंग करेगा। खिलाड़ियों के राज्य में किसी इवेंट में शामिल होने पर प्रतिदिन 350 रु., दूसरे राज्य में जाने पर 500 रु. डीए मिलेगा। एकेडमी में महिला खिलाड़ियों के लिए 30% आवास रिजर्व किए जाएंगे।



