गोपालगंज। वेस्टइंडीज दौरे के लिए टीम इंडिया का चयन कर लिया गया है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच टेस्ट और वनडे सीरीज की शुरुआत 12 जुलाई से होने जा रही है। टीम इंडिया ने टूर के लिए प्लेयर्स की सूची जारी कर दी है। इसमें बिहार के गोपालगंज के रहने वाले तेज़ गेंदबाज मुकेश कुमार को जगह मिली है। शुक्रवार को टीम इंडिया की घोषणा की गयी। बीसीसीआई की ओर से जारी की गई सूची में टेस्ट और वनडे दोनों ही में गोपालगंज के काकड़कुंड गांव के रहने वाले क्रिकेटर मुकेश कुमार को जगह मिली है।
मुकेश ने इस सीजन आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के लिये खेला था। क्रिकेटर मुकेश कुमार के करीबी दोस्त और जिला क्रिकेटर टीम के पूर्व कप्तान अमित कुमार ने बताया कि मुकेश कुमार के चयन होने की खबर मिलते ही क्रिकेट प्रेमियो में उत्साह है। आपको बता दें कि मुकेश कुमार दाहिने हाथ के तेज गेंदबाज हैं और बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं।
हाल ही में मुकेश कुमार की सगाई हुई है, ऐसे में टीम इंडिया में उनका चयन लेडी लक भी माना जा रहा है। मुकेश ने 39 फर्स्ट क्लास मैचों में 149 विकेट लिए हैं। इस तरह बेहतर प्रदर्शन किये जाने पर बीसीसीआइ ने मुकेश का चयन किया। आज मुकेश के चयन की खबर सुनकर परिवार के साथ-साथ दोस्त और रिश्तेदार भी काफी खुश हैं।
गोपालगंज के काकड़कुंड गांव के रहने वाले मुकेश कुमार बचपन से ही क्रिकेट खेलने के शौकीन थे। काकड़कुंड गांव की गलियों में क्रिकेट खेला करते थे। क्रिकेट में अधिक समय देने और पढ़ाई में कम समय देने पर उनके चाचा कृष्णकांत सिंह डांटते थे। पुरानी बातें याद कर कृष्णकांत सिंह बताते हैं कि मुकेश कुमार मना करने के बाद भी चोरी-छिपे क्रिकेट खेलने के लिए निकल जाता था।
परिवार की माली हालत ठीक नहीं थी। इसलिए पढ़-लिखकर नौकरी करने के लिए हमेशा दबाव बनाया गया, लेकिन आज उसकी मेहनत और लगन ने ये साबित कर दिया कि चाह जहां है, वहीं राह हैँ। वेस्टइंडीज में होने वाले मैच में भारतीय टीम में शामिल होने के बाद अब मुकेश की मां मालती देवी, चाचा समेत पूरे परिवार की आंखें खुशी से भर आईं।
भारतीय टीम में मुकेश कुमार का सलेक्शन होने पर गोपालगंज के डीएम डॉ नवल किशोर चौधरी ने शुक्रवार को क्रिकेटर मुकेश कुमार को बधाई देते हुए कहा कि मुकेश ने गोपालगंज ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार को गौरवान्वित किया है। डीएम ने वेस्टइंडीज दौरे के लिए मुकेश कुमार को अग्रिम बधाई दी। डीएम ने कहा कि गोपालगंज में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। सांस्कृतिक क्षेत्र हो या, बॉलीवुड या फिर प्रशासनिक स्तर हो, इन सभी सर्वश्रेष्ठ पदों पर हैं।
कोलकता में मुकेश के पिता काशीनाथ सिंह टैक्सी चलाते थे। 2019 में उनकी मौत हो गई। उनकी मौत के बाद टैक्सी चलाने का काम ठप हो गया। उसे कोई आगे चला नहीं पाया। मुकेश खेलने में ही लग गए। उनके बड़े भाई कोलकाता में नौकरी कर गुजारा करते हैं। बंगाल में ही खेलते खेलते मुकेश वहीं और लोगों के संपर्क में आए और लगातार अच्छा खेलते हुए यहां तक पहुंचे हैं। मुकेश के टीम इंडिया में सेलेक्शन से पूरा गांव खुश है। परिवार के लिए यह गर्व की बात है।



