नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी (जे के एन पी पी) के संस्थापक भीम सिंह के ब्रिटेन में रहने वाले बेटे अंकित लव ने ‘लंदन में स्थित भारतीय उच्चायोग पर पत्थरबाजी करने और अंडे फेंकने की गलती’ के लिए बिना शर्त माफी मांगी है। दरअसल, अंकित की मां का शव एक सप्ताह से अधिक समय से जम्मू के मुर्दाघर में रखा है, लेकिन उसे भारतीय वीजा नहीं मिल रहा, ताकि वह अपनी मां का अंतिम संस्कार करने के लिए भारत आ सके। अंकित को भारतीय अधिकारियों की तरफ से बताया गया है कि फरवरी 2021 में लंदन के भारतीय उच्चायोग में उस विरोध-प्रदर्शन के कारण उन्हें ‘ब्लैक लिस्ट’ कर दिया गया था, जिसमें उन्होंने भी हिस्सा लिया था।
अंकित ने कहा, मैं अपनी मां का चेहरा देखना चाहता हूं और उन्हें आखिरी बार गले लगाना चाहता हूं। उसने कहा, ‘मेरी मां यूपी के मेरठ की एक गौड़ ब्राह्मण थीं और उन्हें पूरा अधिकार है कि हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार सभ्य और सम्मानजनक तरीके से उनका अंतिम संस्कार हो, जिसे वह अपनी अंतिम सांस तक मानती थीं। मैं, उनका इकलौता बेटा होने के नाते, उधमपुर में पवित्र देवक नदी के तट पर उनका कर्मकांड करना चाहता हूं, जो उनकी आखिरी इच्छा थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 2 मई को लिखे एक पत्र में उन्होंने लिखा, ‘मैं ब्रिटेन का निवासी, दिवंगत प्रोफेसर भीम सिंह और दिवंगत एडवोकेट जय माला का पुत्र अंकित लव, यूके में भारतीय उच्चायोग पर अंडे और पत्थर फेंकने की अपनी गलती के लिए ईमानदारी से माफी मांगता हूं, इसका मुझे गहराई और ईमानदारी से खेद है।
माफी मांगते हुए, अंकित ने ‘केंद्र शासित प्रदेश – जम्मू और कश्मीर – जो भारत में है’ का दौरा करने के लिए तत्काल वीज़ा जारी करने की अपील की. उसने यह भी लिखा कि उन्हें ‘मेरे आसपास के कुछ अन्य लोगों द्वारा गुमराह किया गया था, जिसके कारण यह गलती हुई, जिसके लिए मैं ईमानदारी से माफी मांगता हूं’।
लव ने आगे लिखा, ‘…मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि अब से मेरे देश के खिलाफ जिससे मैं बहुत प्यार करता हूं और जिस पर मुझे बहुत गर्व है… ऐसा कोई कृत्य नहीं होगा.’ इसके साथ ही उसने कहा उनके दिवंगत पिता भीम सिंह ने भी भारत के साथ जम्मू और कश्मीर के पूर्ण विलय के लिए अपना सारा जीवन संघर्ष किया था।



