Saturday, April 18, 2026
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प्रसिद्ध लेखक उपेंद्र यादव की पुस्तक ‘तुम्हारे होने से’ साहित की दुनिया का अनमोल तोहफा

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काव्य संग्रह में भिन्न-भिन्न कालखंडों में लिखी गई लगभग 15 वर्षों की कविताओं का संकलन

अमृतसर।  कहते हैं कि जीवन में हमेशा ऐक अच्छे दोस्त का होना जरूरी है। लेकिन कुछ दोस्त कुछ समय तक साथ देकर आपको  छोड़ देते हैं।परंतु पुस्तक एक ऐसा साथी है जो हमेशा हर पल आपकी रहनुमाई करता है, जिस से जहाँ आप अंधेरे में रोशनी का काम ले सकते है। यह विचार उपेंद्र यादव ने पंजाब टाइमज न्यूज से बात करते हुऐ वयक्त किये। श्री यादव ने जानकारी देते हुए कहा कि मेरी पहली पुस्तक ‘तुम्हारे होने से’ आस्था प्रकाशन से छपकर आ चुकी है। इसके आने की खुशी को मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता।

पहले सन्तान की प्राप्ति जैसा कुछ। इसे हाथों में लेते हुए आसीम आनन्द की प्राप्ति हो रही है। सचमुच इस पुस्तक का छपना एक प्रसव वेदना की तड़प से गुजरने जैसा भी रहा। तमाम अन्तर्विरोधों एवं हतोत्साहनों के बावजूद भी इस पुस्तक को छपवा लेने की स्पृहा ही इसकी अन्तिम परिणति है।
इस काव्य संग्रह में भिन्न-भिन्न कालखंडों में लिखी गई लगभग 15 वर्षों की कविताओं का संकलन है। अब जब पुस्तक छप चुकी है तो तमाम लेखकों एवं विद्वानों के साथ-साथ अपने सभी चाहने वालों, दोस्तों, रिश्तेदारों तथा पारिवारिक सगे-सम्बन्धियों को एक-एक कर पुस्तक भिजवाने की जरूर कोशिश करूँगा। इसमें कुछ समय लग सकता है। पर किताबें सबके यहाँ पहुँचेंगी। तब तक के लिए आप सबके स्नेह एवं शुभाशीष की जरूरत है।

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