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जालंधर : प्राचीन और ऐतिहासिक मदरसा “तालीम-उल-इस्लाम” में छमाही परीक्षा के बाद इनाम वितरण समारोह का आयोजन

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मदरसे की उत्कृष्ट कार्यप्रणाली और प्रशासन की सराहना करते हुए मौलाना अनवर अमृतसरी ने कहा —
आने वाले समय में शैक्षिक दृष्टि से पंजाब में शीर्ष पर होगा मदरसा तालीम-उल-इस्लाम।

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(दाईं ओर) प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को इनाम देते मौलाना अनवर अमृतसरी, मुफ़्ती नूरुद्दीन नदवी, कारी अबू नस्र जामेई, कारी नौशाद साहब।
(बाईं ओर) समारोह में पहुंचे शहर के प्रतिष्ठित व्यक्तियों का सामूहिक चित्र।

जालंधर, 5 अक्टूबर।  पंजाब के जिला जालंधर में स्थित प्राचीन और ऐतिहासिक मदरसा “तालीम-उल-इस्लाम” में छमाही परीक्षा के बाद वहाँ अध्ययनरत बच्चों के लिए एक इनाम वितरण समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मदरसे के नाज़िम कारी अबू नसर जामेई और शिक्षक कारी नौशाद साहब की नेतृत्व व प्रबंधन समिति के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन मुफ़्ती नूरुद्दीन नदवी साहब ने बड़ी खूबसूरती से किया।

इस अवसर पर शहर की प्रतिष्ठित हस्तियों के साथ-साथ नेशनल ह्यूमन राइट्स सोशल जस्टिस फ्रंट के राष्ट्रीय चेयरमैन, पंजाब केसरी समूह के वरिष्ठ पत्रकार, मजलिस-ए-अहरार-ए-इस्लाम हिंद (पंजाब) के उप वरिष्ठ अध्यक्ष मौलाना अनवर अमृतसरी, क़ासमी, नदवी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

इस मौके पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मौलाना अनवर अमृतसरी, क़ासमी, नदवी ने कहा कि “मदरसा तालीम-उल-इस्लाम” शिक्षा के क्षेत्र में बेमिसाल है। जिस प्रकार से छमाही परीक्षा में बच्चों के परिणामों पर शहर और प्रशासन के लोगों ने संतोष व्यक्त किया है, वह इस मदरसे के छात्रों और शिक्षकों के लिए एक बड़ी पूँजी है। आने वाले समय में इस मदरसे की उत्कृष्ट कार्यप्रणाली को देखकर कहा जा सकता है कि यह मदरसा शैक्षणिक, शिक्षण एवं सुधारात्मक दृष्टि से पंजाब के मदरसों में शीर्ष स्थान पर होगा।

इस अवसर पर जालंधर के प्रसिद्ध समाजसेवी जनाब मंसूर आलम की ओर से मदरसे में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए स्टेशनरी सामग्री भी इनाम के रूप में दी गई, जिसे उनकी नवासियाँ ज़ोया ख़ानम और हुमैरा ख़ानम ने प्रसन्नता के साथ बच्चों में वितरित किया।

वहीं इस विशेष कार्यक्रम में भाग लेने वालों में मुस्लिम नेता निज़ामुद्दीन मिन्ना, अली अहमद, मोहम्मद अली, अनीस, अकबर अली, सिकंदर ख़ान, मोहम्मद आसिफ, छोटे शकील, हाजी शकील, कलीम आज़ाद, मोहम्मद फ़िरदौस ग़नी, मोहम्मद इस्लाम, मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद अहमद, मोहम्मद असगर, मोहम्मद अशरफ, जहांगीर, कारी हिफ़ज़ुर्रहमान, हाफ़िज़ आस मोहम्मद, मोहम्मद फ़ारूक, हैदर, नूर आलम आदि सहित बड़ी संख्या में शहर के लोग शामिल हुए।

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