Thursday, April 16, 2026
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जमीयत उलेमा-ए-हिंद के क़ौमी अध्यक्ष हज़रत मौलाना महमूद मदनी के हुक्म पर पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाक़ों में राशन वितरण का काम जारी

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मौलाना अली हसन मजाहिरी, मौलाना याहया करीमी और मुफ़्ती आरिफ़ लुधियानवी ने भलाई करने वाले लोगों से ज़रूरी अपील की

लुधियाना,2 सितम्बर। पंजाब के कई इलाके अजनाला, रामदास, गुरदासपुर, बटाला, तरन तारन, सुलतानपुर, लुधी, हरिके, पठानकोट, फिरोज़पुर, फरीदकोट और फ़ाज़िल्का आदि सैलाब के पानी से बुरी तरह प्रभावित हैं। इन ज़िलों के सैकड़ों देहाती इलाके पूरी तरह पानी में डूब गए हैं और वहां के लोग मजबूरी में सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर गए हैं।

जमीयत के क़ायेद हज़रत मौलाना सैयद महमूद असअद मदनी अध्यक्ष जमीयत उलेमा-ए-हिंद और मौलाना हकीमुद्दीन क़ासिमी नाज़िम-ए-उमूमी जमीयत उलेमा-ए-हिंद शुरू से ही इस हालात को लेकर चिंतित हैं। अध्यक्ष और नाज़िम-ए-उमूमी के आदेश पर पंजाब के इन प्रभावित इलाक़ों में जमीयत उलेमा के मंच से ज़रूरी सामान की आपूर्ति और वितरण का काम शुरू कर दिया गया है।

मौलाना अली हसन मजाहिरी (अध्यक्ष जमीयत उलेमा हरियाणा, पंजाब, हिमाचल व चंडीगढ़), मौलाना मुहम्मद याहया करीमी मिवाती (नाज़िम-ए-आला जमीयत उलेमा हरियाणा, पंजाब, हिमाचल व चंडीगढ़) और मुफ़्ती मुहम्मद आरिफ़ क़ासिमी लुधियानवी (कन्वीनर जमीयत उलेमा हरियाणा, पंजाब, हिमाचल व चंडीगढ़) ने कहा कि सामान लेकर जाने वाले दोस्तों को यह ध्यान में रखना चाहिए कि पंजाब के कई सैलाब प्रभावित इलाक़ों में इस समय घरों के अंदर पानी भरा हुआ है, इस वजह से सामान पास के बड़े गुरुद्वारों आदि सुरक्षित स्थानों पर रखा जा रहा है। पाँच–छह दिनों बाद जब पानी उतर जाएगा और घर रहने लायक हो जाएंगे, तब लोग यह सामान अपने घरों को ले जाएंगे। इसलिए इस समय उन्हें सामान के साथ-साथ तैयार खाने की भी सख़्त ज़रूरत है, क्योंकि खाना पकाने का उनके पास कोई इंतज़ाम बाकी नहीं बचा है। इस वजह से हरियाणा, पंजाब, मिवात, हिमाचल और चंडीगढ़ आदि के दोस्तों को ज़रूरी सामान के साथ तैयार खाना और जानवरों के लिए चारा भी ज़रूर पहुँचाना चाहिए।

मुफ़्ती सलीम अहमद साक्रस (कन्वीनर जमीयत उलेमा मिवात) ने कहा कि हज़रत मौलाना याहया करीमी की निगरानी में एक गाड़ी राशन आज ही मिवात से पंजाब रवाना किया जाएगा। पाँच–छह दिनों के बाद इन प्रभावित लोगों को आटा, चावल, दाल, तेल जैसे रसोई के सूखे सामान और जानवरों के लिए चारे की सख़्त ज़रूरत होगी। इसलिए हमें अभी से प्राथमिकता के आधार पर इन सभी इलाक़ों में सामान पहुँचाने की पूरी कोशिश करनी चाहिए और सिख व हिंदू भाइयों को अपने व्यवहार और अमल से यह एहसास दिलाना चाहिए कि इस कठिन  समय में हम हर तरह से उनके साथ हैं।

हाजी मुहम्मद फ़ुरक़ान (ख़ज़ान जमीयत उलेमा लुधियाना) ने कहा कि पंजाब का लगभग आधा इलाका इस बाढ़ से प्रभावित है, लेकिन अजनाला, रामदास, गुरदासपुर, बटाला, तरन तारन, सुलतानपुर, लुधी, हरिके, पठानकोट, फिरोज़पुर, फरीदकोट और फ़ाज़िल्का जैसे ज़िले और उनके देहाती इलाके बहुत ही गंभीर रूप से प्रभावित हैं। इसलिए इन इलाक़ों में सबसे पहले सामान पहुँचाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह बात ख़ुशी की है कि जमीयत उलेमा पंजाब, हरियाणा, हिमाचल व चंडीगढ़ के सूबाई और ज़िलाई ज़िम्मेदारान के अलावा इन प्रांतों की दूसरी कई तंजीमें और जमाअतें और उनसे जुड़े लोग भी इस तरफ़ पूरी तरह मुतवज्जेह हैं और हालात से निपटने के लिए अपनी-अपनी जगह कोशिश और फ़िक्रमंदी कर रहे हैं।

 

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