मानवता के क़त्लेआम पर न तो यूनाइटेड नेशन और न ही मानव अधिकारों की रक्षा के लिए काम करने वाले संगठन संजीदा
ग़ज़ा में पत्रकारों और नागरिकों की बेरहमी से शहादत का बदला क़ायनात का असली सुपर पावर ज़रूर लेगा।
नई दिल्ली, 26 अगस्त। ग़ज़ा में इस्राईल की ओर से अस्पताल पर किए गए ज़ालिमाना और बर्बरता से भरे हमले की दुनियाभर में निंदा की जा रही है। आज यहां मीडिया से बातचीत करते हुए वैश्विक सामाजिक संगठन नैश्नल ह्यूमन राईटस सोशल जस्टिस फ्रंट के राष्ट्रीय चेयरमैन, पंजाब केसरी ग्रुप के वरिष्ठ पत्रकार, मजलिस-ए-अहरार-ए-इस्लाम हिंद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (पंजाब) और जमीयत उलेमा-ए-हिंद के सदस्य मौलाना अनवर अमृतसरी, क़ासमी, नदवी ने कहा कि इस्राईल ने ग़ज़ा में जो बमबारी की है, उसमें जहां नागरिकों की मौत हुई है, वहीं बड़ी संख्या में वरिष्ठ पत्रकारों को भी शहीद कर दिया गया है। यह अपने आप में बेहद अफ़सोसनाक है और इस घटना की जितनी भी निंदा की जाए कम है।
मौलाना अमृतसरी ने आगे कहा कि ज़ालिम इस्राईल जिस तरह से फ़लस्तीनियों और ग़ज़ा के लोगों को अपनी ताक़त और ज़बरदस्ती के दम पर शहीद कर रहा है, वह निस्संदेह इंसानियत को शर्मसार करने की इंतहा है। वह फ़लस्तीन के मासूमों का ख़ून पानी की तरह बहा रहा है, जबकि दूसरी तरफ़ वहां लाखों छोटे-छोटे मासूम बच्चे, बच्चियां और औरतें खाद्य संकट की वजह से दम तोड़ रही हैं। वहीं ग़ज़ा के लोग अपने अस्तित्व की आख़िरी लड़ाई लड़ रहे हैं।
इस दुनिया में मौजूद हज़ारों संगठन, जो इंसानों के अधिकारों की रक्षा का झंडा बुलंद करते हैं, सब खामोश हैं। इतने बड़े इंसानियत के क़त्लेआम पर न तो यूनाइटेड नेशन के पास निंदा के अलावा कोई लायह-ए-अमल है और न ही उन संगठनों के सरबराहों के पास कोई जवाब। आख़िरी सवाल के जवाब में मौलाना क़ासमी ने कहा कि नेतन्याहू से भी बड़ा सुपर पावर इस क़ायनात का मालिक है। वह जल्द ही उसे उसकी सज़ा देगा, जिसके लिए उसे तैयार रहना चाहिए।



