डॉ. अख्तर मालेरकोटलवी सर्वसम्मति से अध्यक्ष नियुक्त, मुफ्ती हक़ नवाज़ क़ासमी और क़ारी मोहम्मद मुनव्वर बटलां उपाध्यक्ष चुने गए
हमबरा, 6 अगस्त। हमबरा और सिद्धवां बीहट, ज़िला लुधियाना के महत्वपूर्ण कस्बे हैं और इस क्षेत्र में मुसलमानों की बड़ी संख्या निवास करती है। इस क्षेत्र में मदरसह फलाहे दारैन गोस पुर के क़ियाम के बाद से यह आवश्यकता महसूस की जा रही थी कि जमीयत उलमा के साथ इन कस्बों का विलय किया जाए, ताकि यहाँ के आम और खास लोग जमीयत उलमा और इसके अकाबिरों से लाभ उठा सकें।
मुफ़्ती मोहम्मद अरिफ़ लुधियानवी, कन्वीनर जमीयत उलमा हरियाणा और पंजाब की पहल पर इस पूरे क्षेत्र के जिम्मेदारों और उलेमा-ए-इमामों को मदरसा फलाहे-ए-दारैन गोस पुर में जोड़ा गया और इस क्षेत्र की यूनिट का आधिकारिक रूप से क़ियाम किया गया।
हाजी मोहम्मद फुरकान ख़ाज़िन, जमीयत उलमा ज़िला लुधियाना ने संवाददाता से बात करते हुए कहा कि जमीयत उलमा हमबरा ज़िला लुधियाना का अध्यक्ष, समस्त उपस्थित लोगों की सहमति से जनाब डॉ. अख्तर मालेरकोटलवी को नियुक्त किया गया है। वे इस क्षेत्र की एक प्रभावशाली शख्सियत हैं और सामाजिक तथा मिल्ली कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेते रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि डॉ. साहब के माध्यम से इस पूरे क्षेत्र में जमीयत उलमा का परिचय और प्रभाव फैल जाएगा।
पंजाब के प्रसिद्ध प्रवक्ता मुफ़्ती हक़ नवाज़ क़ासमी, नाज़िम मदरसा फला-ए-दारैन गोस पुर और क़ारी मोहम्मद मुनव्वर, मोहतमिम मदरसा दावत-उल-क़ुरआन, गाँव बटलां, सिद्धवां बीहट को जमीयत उलमा हमबरा का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। अन्य जिम्मेदारों में मोहम्मद दस्तगीर गोस पुर, जनरल सेक्रेटरी जमीयत उलमा हमबरा, मोहम्मद बशीर सिद्धवां बीहट, जॉइंट सेक्रेटरी जमीयत उलमा हमबरा, हाफ़िज़ मोहम्मद अरशद, इमाम और ख़तीब मस्जिद मदीना, नूरपुर लुधियाना, नाज़िम इसलाहे-ए-मुआशरा जमीयत उलमा हमबरा, हाफ़िज़ मोहम्मद नौमान, इमाम और ख़तीब मस्जिद फातिमा, ज़ीनपुर लुधियाना, उपनाज़िम इसलाहे-ए-मुआशरा जमीयत उलमा हमबरा और मोहम्मद मुर्तजा (मामा जी) ख़ज़ांची जमीयत उलमा हमबरा के नाम शामिल हैं।
मुफ़्ती हक़ नवाज़ क़ासमी नाज़िम मदरसा फलाहै-दारैन गोस पुर की दुआ पर इस बैठक का समापन हुआ। मेहमान-ए-ख़ास और मशाहिद के रूप में हाजी मोहम्मद निसार, इंद्रा कालोनी, बाड़े वाला रोड लुधियाना और क़ारी मोहम्मद फैज़ान शामिल हुए। बैठक की मेज़बानी क़ारी मोहम्मद शादाब, ख़ादिम मदरसा फलाहै दारैन गोस पुर ने की।



