नेशनल डेस्क/ नई दिल्ली,18 मई। भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता का उत्साह अमरनाथ यात्रा के श्रद्धालुओं के जोश पर भारी पड़ रहा है। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बावजूद इस पवित्र यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों का पंजीकरण तेजी से जारी है और अब तक देशभर से 3.5 लाख से अधिक श्रद्धालु अपना नाम दर्ज करा चुके हैं। यह आंकड़ा यात्रा के प्रति अटूट आस्था और उत्साह को दर्शाता है।
सुरक्षा चाक-चौबंद, आधार शिविर तैयार
अमरनाथ यात्रा के मुख्य आधार शिविर जम्मू के भगवती नगर में 2000 तीर्थयात्रियों के ठहरने की क्षमता वाला आधुनिक यात्री निवास तैयार हो रहा है। हाल की आतंकी घटना को देखते हुए इस बार यात्रियों की सुरक्षा को अभूतपूर्व स्तर पर सुनिश्चित किया जाएगा जिसके लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी। यात्रियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखते हुए आवास, स्वच्छता, बिजली और पानी की निर्बाध आपूर्ति, चिकित्सा सहायता और परिसर के प्रबंधन के लिए उच्च गुणवत्ता वाले इंतजाम किए गए हैं ताकि तीर्थयात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और सुव्यवस्थित माहौल मिल सके।
2 जुलाई से यात्रा का आगाज
अमरनाथ यात्रा के पहले जत्थे 2 जुलाई को जम्मू निवास से पहलगाम और बालटाल के पारंपरिक मार्गों से रवाना होंगे। दोनों ही रास्तों से शुरुआती जत्थों में दो-दो हजार श्रद्धालु शामिल होंगे। यात्रा आधिकारिक रूप से 3 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त तक चलेगी जिसमें लाखों भक्तों के बाबा बर्फानी के दर्शन करने की उम्मीद है।



