चंडीगढ़ , 5 मई। पहलगाम अटैक के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे लगातार तनाव के बीच गृह मंत्रालय की तरफ से कड़े आदेश जारी हुए हैं। बताया जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आपात स्थिति से निपटने के लिए कई राज्यों को 7 मई को मॉक ड्रिल (अभ्यास) आयोजित करने का निर्देश दिए हैं।
जिक्रयोग्य है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकी हमले में 26 लोगों की हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद भारत व पाकिस्तान के बीच लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है और कभी भी युद्ध छिड़ने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। इसी के मद्देनजर गृह मंत्रालय की तरफ से भी कई राज्यों को युद्ध जैसी स्थिति से निपटने के लिए माक ड्रिल यानि कि अभ्यास आयोजित करने के आदेश दिए हैं, ताकि आने वाले समय में यदि किसी गंभीर स्थिति से गुजरना पड़ता है तो आसानी से मुकाबला किया जा सके।
गृह मंत्रालय की तरफ से जारी निर्दशों में कहा गया है कि हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरनों को चालू किया जाए। नागरिकों, छात्रों आदि को नागरिक सुरक्षा उपायों का प्रशिक्षण देना, जिससे वे किसी भी संभावित हमले की स्थिति में खुद को सुरक्षित रख सकें। आपात ब्लैकआउट की व्यवस्था करना। महत्वपूर्ण संयंत्रों / प्रतिष्ठानों का शीघ्र (कैमोफ्लाज) सुनिश्चित करना व निकासी योजना को अपडेट करना और उसका अभ्यास कराना आदि।
ड्रिल में क्या होगा? चलिए एक बार गिनते हैं —
हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन की आवाज़ गूंजेगी।
स्कूलों और मोहल्लों में लोगों को सिखाया जाएगा कि बमबारी में कैसे बचा जाए।
ब्लैकआउट यानी अंधेरा करना सिखाया जाएगा ताकि दुश्मन ऊपर से देख न सके।
फैक्ट्रियों और अहम संस्थानों को छिपाने की तरकीबें बताई जाएंगी।
और आख़िर में — निकासी की योजना। यानी जब सब कुछ बिगड़ जाए तो कैसे भागा जाए, इसका अभ्यास।



