Tuesday, September 22, 2026
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गुरु नानक देव अस्पताल के आई.सी.यू. में शॉर्ट सर्किट के कारण आग, मची अफरा तफरी

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अमृतसर,17 अपैल। गुरु नानक देव अस्पताल (जी.एन.डी.एच.) के आई.सी.यू. में विगत देर रात्रि शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने से 2 मरीजों की मौत से हड़कंप मच गया। लोग अपने मरीजों को लेकर अस्पातल के बाहर भागने लगे। मरीजों की चीखों-पुकार की आवाज अस्पताल के हर तरफ गूंजने लगी, जिसके चलते अस्पातल प्रशासन को स्थिति से निपटने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन व फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंच आग को बुझाने के लिए मश्कत करने में जुट गईं। काफी मश्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन अस्पताल प्रशासन दो मरीजों की जान को नहीं बचा सका। उक्त घटना ने अस्पातल की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिंह लगा दिया है।

आई.सी.यू. के इंचार्ज व सरकारी मैडीकल कालेज के प्रिंसीपल डा. जे.पी. अत्री ने बताया कि ए.सी. के शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी थी और आई.सी.यू. में धुआं फैला हुआ था। उन्होंने कहा कि जिन मरीजों की मौत हुई है, उनकी हालत पहले से ही गंभीर थी। एक मरीज जहर खाकर भर्ती हुआ था, जबकि दूसरा मरीज कैंसर की बीमारी से काफी गंभीर बीमार था। उन्होंने कहा कि मरीज की मौत धुएं या आग से नहीं हुई। उन्होंने बताया कि मामले की गहन जांच के लिए पब्लिक हैल्थ को जांच सौंप दी गई है। स्थिति अब कंट्रोल में है और जांच जारी है। डा. अत्री ने बताया कि आई.सी.यू. के वाले ब्लॉक में अग्निशामक यंत्र नहीं थे, लेकिन पास वाले ब्लॉक में यंत्र लगे हुए थे।

जिन मरीजों की हुई मौत, वे पहले से ही गंभीर बीमारियों से थे पीड़ित
अस्पताल के मैडीकल सुपरिंटैंडैंट डा. कर्मजीत सिंह ने कहा कि आग के कारण किसी मरीज की मौत नहीं हुई है। वह मरीज पहले से ही गंभीर रूप से बीमार थे। उन्होंने कहा कि घटना के बाद मरीजों की मौत हो गई है। सभी मरीजों को सुरक्षित तुरंत बाहर निकाल लिया था। उच्चाधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए थे। डा. कर्मजीत ने कहा कि वह आज चंडीगढ़ हैं और मामले की गहन जांच चल रही है।

अस्पताल में नहीं थे आग बुझाने के लिए पुख्ता प्रबंध
बता दें कि आई.सी.यू. के बाहर जब पंजाब केसरी की टीम ने निरीक्षण किया तो देखा कि कहीं भी आग बुझाने के लिए सिलैंडर या रेत की बाल्टियां नहीं लगाई गई थीं। यह तक कि आग बुझाने के लिए पानी के लिए लगाए गए यंत्र की पाइपें भी फटी हुई थीं। यहां तक आई.सी.यू. के बाहर लिफ्टें भी बंद थीं। अस्पताल प्रशासन ने मौके पर तो स्थिति को संभाल लिया, लेकिन अगर भगवान न करे आग और अधिक भयानक होती तो और ज्यादा बुरे हालातों को सामना हो सकता था। इस घटना ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

सरकार उच्च स्तरीय पर करवाए मामले की जांच
ऑल इंडिया एंटी क्रप्शन मोर्चा के चेयरमैन महंत रमेशानंद सरस्वती ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है। सरकार को उच्च स्तरीय जांच करवानी चाहिए। आखिर क्यों किन कारणों में इतने नाजुक केंद्र में आग लगी है और मरीजों की कीमती जान किस तरह गई है, यह एक जांच का विषय है। महंत सरस्वती ने कहा कि मामले को दबाने की कौशिश की जा रही है और रंगत कोई ओर दी जा रही है। अगर सरकार इस मामले की गहराई से जांच करे तो कई गंभीर तथ्य सामने आ सकते हैं।

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