नई दिल्ली ,1 फरवरी । केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025 में 5 लाख अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए एक नई योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत इस समाज की जो महिलाएं पहली बार उद्यमी बन रही हैं उन्हें अगले 5 वर्षों में 2 करोड़ रुपये का टर्म लोन प्रदान किया जाएगा।
इस योजना में स्टैंडअप इंडिया योजना से सीखे गए सबक भी शामिल किए जाएंगे। ऑनलाइन बिजनेस को बढ़ावा देने और प्रबंधन कौशल विकसित करने के लिए कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। वित्त मंत्री ने कहा है कि सरकार उच्च श्रम मांग वाले क्षेत्रों में रोजगार के अवसर और उद्यमशीलता बढ़ाने के लिए एक विशेष नीति बनाएगी।
भारत के फुटवियर और चमड़ा क्षेत्र में गुणवत्ता, उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देने के लिए एक केंद्रित उत्पाद योजना लागू की जाएगी। इस योजना से 22 लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। साथ ही, इससे 4 लाख करोड़ रुपये का राजस्व और 1.1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात होने की उम्मीद है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज अपना 8वां बजट पेश कर रही हैं। बजट में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई कदम उठा रही है। पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए 2 करोड़ रुपये तक का टर्म इंश्योरेंस इसका उदाहरण है। इसके अलावा सरकार ने नए लोगों को छोटे कारोबार शुरू करने में मदद का आश्वासन दिया है। इससे रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
बजट में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत ऋण सीमा भी बढ़ा दी गई है। वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि बैंकों से बढ़े हुए कर्ज, 30,000 रुपये की सीमा वाले यूपीआई लिंक्ड क्रेडिट कार्ड और क्षमता निर्माण सहायता के साथ प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना को नया रूप दिया जाएगा।
नई टैक्स व्यवस्था में 0-4 लाख रुपये तक की रकम पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। 4 से 8 लाख रुपये तक की आय पर 5 फीसदी टैक्स लगेगा। 8 लाख रुपये से 12 लाख रुपये के बीच की आय पर 10 प्रतिशत, 16 लाख रुपये से 20 लाख रुपये के बीच की आय पर 20 प्रतिशत, 20 लाख रुपये से 24 लाख रुपये के बीच की आय पर 25 प्रतिशत और इससे अधिक की आय पर 30 प्रतिशत कर लगेगा।



