चंडीगढ़, 5 नवंबर | पंजाब के सरकारी विभागों द्वारा अंग्रेजी में टेंडर प्रकाशित कर जहां पंजाब राज्य भाषा अधिनियम का उल्लंघन किया जा रहा है, वहीं टेंडरों को आम लोगों की पहुंच से भी दूर रखा जा रहा है। भाषा विभाग ने इस पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए सभी विभागों को हर टेंडर पंजाबी भाषा में प्रकाशित करने के निर्देश दिए हैं।
पंजाब राज्य भाषा अधिनियम 1967 और पंजाब राज्य भाषा (संशोधन) अधिनियम 2008 में दी गई जानकारी के अनुसार, कार्यालय का पूरा काम राज्य भाषा पंजाबी में किया जाना चाहिए। इन अधिनियमों के अनुपालन में, सरकार सभी अधिकारियों को अपने कार्यालय के काम में पंजाबी का उपयोग सुनिश्चित करने के लिए लिख रही है, लेकिन फिर भी यह देखा गया है कि कुछ विभागों द्वारा कार्यालय के काम के लिए जारी की जाने वाली निविदाएं केवल अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित की जाती हैं जिसे पंजाब की आम जनता न तो समझ पाती है और न ही इसका लाभ उठा पाती है।
इस संबंध में भाषा विभाग के निदेशक जसवंत सिंह जफर ने सभी विभागों के प्रमुखों को पत्र जारी किया है कि टेंडर अंग्रेजी के साथ-साथ पंजाबी भाषा में भी जारी किए जाएं, ताकि पंजाब के आम लोगों को सुविधा हो सके इससे अधिकतम लाभ प्राप्त करें। भाषा विभाग के निदेशक के अनुसार, पंजाब सरकार की भाषा नीति के तहत पंजाबी भाषा को पहली भाषा और अंग्रेजी को दूसरी भाषा के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए।



