संगरुर,31 अगस्त। संगरूर के गुरुद्वारा ननकाना साहिब से सिख धर्म के छठे गुरु “गुरु हरगोविंद सिंह महाराज” के पहली बार संगरूर के गुरुद्वारा ननकाना साहिब में प्रवेश करने की खुशी और याद में एक नगर कीर्तन का आयोजन किया गया। जिस का स्वागत और सम्मान करने के लिए संगरूर के मुस्लिम भाई चारे की तरफ़ से मीठे चावलों का लंगर लगाया गया। जो कि सिख और मुस्लिम भाई चारे के आपसी प्यार व मोहब्बत को बढ़ावा देने की एक बहतरीन मिसाल है।
यहां के मुसलमानों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि देश में बढ़ रहे आपसी भेदभावों और नफ़रतों को प्यार व मोहब्बत से ही पराजित किया जा सकता है।
इस मौके पर शहर संगरूर के मुफ़्ती, मुफ़्ती वसीम अकरम क़ासमी जी ने और उन के साथ मोहम्मद क़ासिम जी, अब्दुल हलीम जी, मुनीर अंसारी जी, मोहम्मद इस्माईल जी ने पाँच प्यारों के गले में सरौपे डाल कर अभिनन्दन किया।
सिख समुदाय के आगु साहिबान ने मुस्लिम भाई चारे के इस काज की बहुत प्रशंसा की और कहा कि सिख धर्म में मुसलमानों के नेक कामों को, सूफ़ी संतो को एक विशेषता दी गई है।
इस मौके पर मदनी मदरसा संगरूर के अध्यापक हज़रात और विधार्थियों के साथ साथ सरदारा खान, बिन्नी प्रधान, दिलबाग साहा, काका अनवर खान, हाजी शमीम, भाई इफ़्तिखार, लाडला खान आदि मौजूद रहे।



