Thursday, July 2, 2026
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कायस्थ संगठनों का चिंतन: सामाजिक बुराइयों से सुधार तक, श्रीवास्तव बोले – शिक्षा जरूरी, नशा त्यागें, आरक्षण का विरोध

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लुधियाना, 20 फरवरी | श्री चित्रांश सभा के लुधियाना स्थित कार्यालय में विभिन्न कायस्थ संगठनों की संयुक्त रूप से पूर्व की भांति बैठक सम्पन्न हुई जिसकी अध्यक्षता समाज सेवक श्री सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने किया। बैठक में विभिन्न कायस्थ संगठनों श्री चित्रांश सभा, अखिल भारतीय कायस्थ महासभा (दिल्ली पंजि), कायस्थ चित्रगुप्त महासभा के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

बैठक में कायस्थ समाज के गिरते हुए स्तर पर चिंता व्यक्त की गई व सुधार करने पर चर्चा हुई। कायस्थ समाज में व्याप्त दहेज प्रथा व असंगठन पर जबरदस्त चर्चा हुई। अब समय आ गया है कि समाज में सुधार की क्यों कि देश के समृद्धि व प्रशासनिक क्षेत्रों में कायस्थ समाज का योगदान सदैव रहा है पर अब इनका स्तर न के बराबर हो गया।

समाज सेवक श्री सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने कायस्थ समाज के लोगों को मनहूसियत रूपी जिंदगी त्याग कर समस्त समाज से जुड़ने का आव्हान किया।श्री सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि कायस्थ समाज के पिछड़ने मुख्य कारण सम्भवतः दारू व मुर्गा (नशा व मांसाहार) ही रहा जिसको त्यागना अति आवश्यक हो गया है। लोग दारूबाजी के चक्कर में पड़कर अपना परिवार कैरियर चरित्र बर्बाद कर दिया। उन्होंने पूरे देश के कायस्थों का आव्हान किया कि शराब व मांसाहार का पूर्ण रूप से त्याग करें व विवाह इत्यादि समारोह में इसका प्रयोग वर्जित किया जाए, जिस भी समारोह में नशाखोरी व मांसाहार हो उसका बहिष्कार किया जाय। शिक्षित होकर भी हम क्या करेंगे जब उसका उपयोग ही न कर सके। श्री सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने आरक्षण का कड़ा विरोध किया उन्होंने कहा कि आरक्षण ने तो मेघावी विद्यार्थियों का कैरियर ही चौपट कर दिया है।

पंजाब में रह रहे कायस्थों के लिए पंजाब कायस्थ कल्याण बोर्ड का गठन आवश्यक हो गया है। सभा में सर्वश्री कृपाशंकर श्रीवास्तव, दिलीप श्रीवास्तव, नागेन्द्र श्रीवास्तव,राकेश कर्ण, इत्यादि लोगों ने अपने अपने विचार व्यक्त किये।

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