मोहाली, 22 जनवरी | चंडीगढ़ PGI के एडवांस्ड पीडियाट्रिक सेंटर में व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। यहां पर मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। इसका एक उदाहरण है कि यहां के इमरजेंसी विंग ‘नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट’ में करीब चार सप्ताह के चार से पांच नवजात बच्चे एक ही वेंटिलेटर पर रखे गए नजर आए हैं। इससे प्रतीत होता है कि यहां बच्चे कितनी बड़ी संख्या में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, यहां पर ऑक्युपेंसी दर लगभग 300 प्रतिशत तक हो गई है। इसका मतलब है कि यहां पर बेड की क्षमता से तीन गुना ज्यादा मरीज भर्ती हैं। यहां बेड भी गंभीर रूप से बीमार बच्चों से भरे हुए हैं। जिससे मरीजों को इलाज के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। इस स्थिति को लेकर मरीजों के परिजनों में भी रोष है। वे सरकार से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने की मांग कर रहे हैं।



