नई दिल्ली, 2 जनवरी | ‘हिट एंड रन’ मामलों में कड़ी सजा देने वाले नए कानून के खिलाफ ट्रक ड्राइवर देशभर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच पंजाब के ट्रांसपोर्टर और ट्रक ड्राइवर भी नए कानून के खिलाफ लामबंद हो गए हैं। इसका असर राज्य के पेट्रोल पंपों पर भी पड़ने लगा है।
अगर हड़ताल खत्म नहीं हुई तो पेट्रोल पंप मालिकों के अलावा आम लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। पंजाब के 23 जिलों में करीब 3600 पेट्रोल पंप हैं। जहां मुख्य रूप से बठिंडा, जालंधर और संगरूर से टैंकरों में तेल की आपूर्ति की जाती है। इस काम में ट्रक, टैंकर पिकअप और कई अन्य प्रकार के वाहनों का उपयोग किया जाता है। हालांकि तेल कंपनियों के पास अपनी गाड़ियां भी हैं, लेकिन हड़ताल के कारण तेल कंपनियों की गाड़ियां भी तेल की ढुलाई नहीं कर पा रही हैं।
हड़ताल को लेकर सरकार और तेल कंपनियां भी गंभीर हैं। ऐसे में सरकार और तेल कंपनियां हड़ताल पर गए ऑपरेटरों से बातचीत कर रही हैं ताकि सामान्य आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों। अगर कोई समाधान नहीं निकला तो स्थिति और खराब हो जायेगी।
पंजाब पेट्रोल पंप एसोसिएशन के प्रवक्ता और मोहाली पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष अश्विनर मोंगिया ने कहा कि अगर हड़ताल खत्म नहीं हुई तो आज के बाद स्थिति गंभीर हो जाएगी। मंगलवार शाम तक 40 से 45 फीसदी पेट्रोल पंप ड्राई हो जाएंगे। ऐसे में पेट्रोल पंपों की बिक्री में गिरावट आई है। ट्रक यूनियन की अगली बैठक 10 जनवरी को होगी। इसमें निर्णय लिया जाएगा कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो सरकार के सामने अपना पक्ष कैसे रखा जाए।
हिट एंड रन मामले में आरोपी ड्राइवर को 7 लाख रुपये तक का जुर्माना और 10 साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है। इसके विरोध में ड्राइवर और ट्रांसपोर्टर खुलकर सामने आ गए हैं। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि दुर्घटनाएँ जानबूझकर नहीं की जाती हैं और अगर ड्राइवर घायल लोगों को अस्पताल ले जाने की कोशिश करते हैं तो उन्हें अक्सर भीड़ की हिंसा का डर रहता है। इसलिए इसे खारिज किया जाना चाहिए।



