चंडीगढ़, 10 दिसंबर | पंजाब के निलंबित आईजी परमराज सिंह उमरानंगल और 2 अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन पर गुरदासपुर जिले के एक व्यक्ति की फर्जी मुठभेड़ में हत्या करने का आरोप है। उन्हें पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में विशेष जांच दल द्वारा पहले प्रस्तुत अंतरिम रिपोर्ट पर निलंबित कर दिया गया था।
स्पेशल डीजीपी और हाई कोर्ट द्वारा गठित एसआईटी के प्रमुख गुरप्रीत देव ने कल कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया। उन्होंने जांच का हवाला देते हुए कहा कि 1994 में जिस मुठभेड़ में काला अफगाना गांव के सुखपाल सिंह की मौत हुई थी, उस मामले में तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर एफआईआर दर्ज करायी गयी थी।
उमरानंगल के साथ जिन 2 अन्य पुलिसकर्मियों पर मामला दर्ज किया गया है उनमें मोरिंडा के तत्कालीन डीएसपी जसपाल सिंह और लुथेरी पुलिस चौकी के तत्कालीन प्रभारी एएसआई गुरदेव सिंह शामिल हैं।
एसआईटी ने रिपोर्ट में कहा कि 29 जुलाई 1994 को मृतक के खिलाफ आर्म्स एक्ट और टाडा के तहत दर्ज एफआईआर की जांच से पता चला कि मामला संबंधित अधिकारियों द्वारा झूठ के आधार पर दर्ज किया गया था।
हाई कोर्ट सुखपाल सिंह की पत्नी दलबीर कौर और पिता जागीर सिंह की याचिका पर सुनवाई कर रहा है। जिसका आरोप है कि पुलिस ने सुखपाल की हत्या की है। इतना ही नहीं, मुठभेड़ के बाद पुलिस ने दावा किया था कि उन्होंने उक्त मुठभेड़ में आतंकी गुरनाम सिंह बंडाला उर्फ नीला तारा को मार गिराया है।



