Wednesday, June 17, 2026
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जमीयत उलमा ए हिंद के तत्वधान में इतिहासिक खत्म ए नबुव्वत कांफ्रेंस का हुआ समापन

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पंजाब समेत विभन्न राज्यों के उलमा ए किराम ने शिरकत कर अंतिम पैगंबर हज़रत मुहम्मद (सल. की शिक्षाओं पर पहरा देने का लिया संकल्प

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तहफ्फुज खत्म ए नबुव्वत कांफ्रेंस में शिरकत करने पहुंचे पंजाब केसरी पत्र समूह के वरिष्ठ जर्नलिस्ट मोैलाना अनवर अमृतसरी, कासमी, नदवी का स्वागत करते प्रोग्राम के कंवीनर श्री कारी गय्यूर व अन्य

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लुधियाना 4 दिसंबर। जमीअत उलेमा जिला लुधियाना की ओर से मदनी जामिया मस्जिद में पैगम्बरी के अंत की सुरक्षा शीर्षक के तहत एक इतिहास रचने वाला कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें संयुक्त पंजाब के साथ-साथ यूपी के विद्वानों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत कारी रागिब साहब की तिलावत से हुई। जबकि निजामत का फर्ज मुफ्ती वसीम अकरम कासमी ने निभाया। मौलाना नसीम अहमद कासमी ने अध्यक्षता प्रस्ताव प्रस्तुत किया और जमीयत उलेमा जिला लुधियाना के अध्यक्ष श्री कारी गयूर अहमद साहब ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। मौलाना सैयद अहमद आदिल साहब ने परिचयात्मक भाषण दिया।

वहीं मौलाना मुमताज साहब कासमी शिमला, मुफ्ती मुहम्मद खलील साहब कासमी चेयरमैन पंजाब स्टेट कमेटी और मुफ्ती इरतिका उल हसन कांधलवी ने कई बहुमूल्य चीजें भेंट कीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में दारुल उलूम देवबंद से आये मौलाना मुहम्मद शाह आलम साहब गोरखपुरी ने अपने मुख्य भाषण में कहा कि यह धर्म जो तुम्हें मिला है, वह बहुत मजबूत है और इसे कोई मिटा नहीं सकता।  इसी तरह अगर कोई पाखंडी कादियानी तकरीर का लबादा पहनकर कोई खामी पैदा करना चाहता है तो यह कैसे संभव हो सकता है। मौलाना ने कहा कि अगर लोग अपने आलिमों और मदरसों से जुड़े रहें तो उन्हें कोई गुमराह नहीं कर सकता।
मजलिस तख़ुज़ ख़तम नबूबत मुत्तहिदा पंजाब और चंडीगढ़ के अध्यक्ष हजरत मौलाना मुहम्मद अजमल खान साहब की दुआ के साथ कार्यक्रम समाप्त हुआ। और अंत में प्रमुख उलेमा़ओ में हजरत मौलाना मोहम्मद मुस्तकीम साहब कांधलवी हजरत मौलाना मुमताज कासमी शिमला मौलाना कारी मोहम्मद इलियास , मौलाना मोहम्मद अनवर अमृतसरी कासमी नदवी, को प्रमुख तोर से सम्मान से सम्मानित किया गया ।

इस मौके पर मुफ्ती मुहम्मद खालिद ने सभी मेहमानों का शुक्रिया अदा किया। इस मौके पर,  मोैलाना ज़ीशान मज़ाहिरी साहीब, हाफिज मोहम्मद हाशिम, मौलाना मुमताज शिमला, मुफ्ती मोहम्मद सद्दाम साहब, हाजी मोहम्मद सगीर साहब, मोहम्मद अख्तर अंसारी मोहम्मद नाजिम मुफ्ती शोएब आलम, मौलाना नसीम कासमी, सज्जाद आलम, अमीर हसन, तारिक खुर्शीद, आलम शेरवानी, हाजी गुलाम सरवर फगवाड़ा, अतहर आजाद, मुफ्ती मोहम्मद इनाम, हाजी मोहम्मद फुरकान, कारी मोहम्मद इलियास फतेहपुर, रहमान लुधियाना ,जमील अहमद अंसारी, नाजिम अंसारी कारी हसन वगैरा मौजूद थे।

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