चंडीगढ़। फाइनल परीक्षा से पहले चंडीगढ़ के कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र पिछले कई दिनों से प्रशासन और सरकार की उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ऐलान के बावजूद प्रशासन सरकारी सहायता प्राप्त निजी कॉलेजों में केंद्रीय सेवा नियमों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाया है। ऐसे में इन कॉलेजों के टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ की संयुक्त कार्रवाई समिति एक फरवरी से हड़ताल पर चली गई है।
इस दौरान शहर के विभिन्न कॉलेजों के बाहर व सड़कों पर मार्च निकाला गया। आज आठवें दिन कमेटी के नेतृत्व में 400 से 450 शिक्षक व अन्य कर्मचारी सेक्टर 26 स्थित जी.जी.एस.सी महिला कॉलेज से राज्यपाल भवन तक मार्च करने की तैयारी कर रहे हैं।
समिति की मुख्य मांगों में एम.एच.ए अधिसूचना दिनांक 29 मार्च 2022 के तहत यूजीसी के नियमों को लागू करना और केंद्रीय तर्ज पर भत्तों और अन्य लाभों का प्रावधान शामिल है। वहीं नॉन टीचिंग स्टाफ को संशोधित वेतनमान दिया जाए। डी.ए.वी कॉलेज सेक्टर 10 से शुरू हुआ धरना शहर के कई निजी कॉलेजों के बाहर निकाला गया। हड़ताल में बड़ी संख्या में शिक्षक व गैर शिक्षक कर्मचारी शामिल हुए। डी.ए.वी कॉलेज शिक्षक संघ के अध्यक्ष सुमित गोखलानी ने कहा कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो उनका धरना तेज किया जाएगा।
संघ का कहना है कि सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों में शिक्षकों की सेवा स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसके साथ ही शिक्षक केंद्रीय सेवा नियमावली के तहत मिलने वाले लाभों से भी अनभिज्ञ हैं। इनमें चाइल्डकैअर अवकाश, परिवीक्षा अवधि, पिछले सेवा लाभ आदि शामिल हैं।



