जालंधर/ आदमपुर 12 नवम्बर। एनआरआइज को कनाडा, अमेरिका और आस्ट्रेलिया से दिल्ली पहुंचने के लिए इतना परेशान नहीं होना पड़ रहा है, जितना दिल्ली से अपने गांव तक पहुंचने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। वहीं अपने उत्पाद के साथ देश-विदेश में झंडा गाड़ने वाले दोआबा के उद्योगपति इस बात से परेशान हैं कि वह अपने विदेशी खरीदारों को दिल्ली से जालंधर नहीं ला पा रहे हैं।
वजह एक ही है कि जालंधर तक पहुंचने के लिए एयरपोर्ट टर्मिनल मौजूद होने के बावजूद हवाई सेवा उपलब्ध नहीं है। एनआरआइज का गढ़ कहे जाने वाले दोआबा के इकलौते आदमपुर एयरपोर्ट पर अति आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित पैसेंजर टर्मिनल स्थापित किया जा चुका है। एक ही समय में एयरबस अथवा बोइंग किस्म के दो विमानों का संचालन भी संभव है और एयर फोर्स स्टेशन के भीतर स्थित रनवे से सिविल एयरपोर्ट के एपरन (विमानों के खड़े करने की जगह) तक विमान लाने के लिए टैक्सी ट्रैक का निर्माण भी किया जा चुका है।



