लुधियाना, 1 नवंबर | पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में आज एक बड़ी बहस हो रही है। इस बीच अपने संबोधन में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि नहर का नाम सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) के बजाय यमुना-सतलुज लिंक (वाईएसएल) रखा जाना चाहिए ताकि यमुना से आने वाला पानी हरियाणा तक पहुंच सके और पंजाब का हिस्सा भी आ सकते हैं। मुख्यमंत्री ने एसवाईएल नहर को लेकर पंजाब की विभिन्न सरकारों द्वारा उठाए गए कदमों की भी विस्तार से जानकारी दी।
सीएम ने पिछली सरकारों में बढ़े ट्रांसपोर्ट माफिया के बारे में जानकारी दी और कहा कि नियमों का उल्लंघन कर जुझार, डबवाली ऑर्बिट, न्यू डीप, राजधानी के नाम पर 96 रूट परमिट जारी किए गए। उन्होंने कहा कि नियमों के मुताबिक प्राइवेट बसें चंडीगढ़ में प्रवेश नहीं कर सकतीं, लेकिन उक्त कंपनियों की बसें चंडीगढ़ में प्रवेश करती थीं, जिनकी एंट्री अब बंद कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग ने पिछले दिनों उक्त कई कंपनियों की 39 बसों का रूट परमिट रद्द कर दिया है। उन्होंने कहा कि पहले इंडो-कैनेडियन बसें दिल्ली जाती थीं और पंजाब सरकार की वोल्वो बसें बंद हो गई थीं, लेकिन अब सरकार ने अपनी वोल्वो बसें शुरू कर दी हैं। सरकार द्वारा कई टोल प्लाजा को बंद भी कर दिया गया है और आने वाले दिनों में भी कई टोल प्लाजा को बंद किया जा रहा है। हमने अब तक 14 टोल प्लाजा बंद कर दिए हैं।



