लुधियाना, 30 अक्टूबर। पंजाब में जुडीशियल मजिस्ट्रेट करण अग्रवाल की अदालत ने पीओ स्टाफ के प्रभारी और एक पुलिस चौकी के इंचार्ज के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। इन पुलिस अधिकारियों ने 6 जून 2022 को हिंदू नेता ऋषभ कनौजिया के खिलाफ राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध करने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज की थी।
एफआईआर को कोर्ट में चुनौती दी
पुलिस की एफआईआर पर हिंदू नेता कनौजिया ने कोर्ट की शरण ली। इस मामले में दोनों पुलिस अधिकारी अपना बयान दर्ज कराने के लिए कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। इस मामले में दोनों पुलिसकर्मी गवाह हैं। कोर्ट ने अगले आदेश तक दोनों पुलिसकर्मियों की एक तिहाई सैलरी काटने का भी आदेश जारी किया है। अब मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी।
SHO को PO स्टाफ में तैनात किया गया है
पीओ स्टाफ के एसएचओ कमलजीत सिंह और एएसआई जसवीर सिंह के खिलाफ जमानती वारंट बिना कार्रवाई के लौटाए जाने के बाद अदालत ने ये आदेश जारी किए। आदेश में कोर्ट ने कहा है कि गवाहों SHO कमलजीत सिंह और ASI जसवीर सिंह के खिलाफ जारी जमानती वारंट बरामद कर लिया गया है। इससे पहले भी वारंट बिना तामील हुए वापस आ गया था।



