अमृतसर/नई दिल्ली। दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग में पंजाब की एक महिला प्रोफेसर के साथ हुए दुर्व्यवहार पर भारत ने सख्ती दिखाई है। भारत सरकार ने इस मुद्दे को पाकिस्तान के सामने उठाया है और मामले की उचित जांच की मांग की है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि पाकिस्तान उच्चायोग में एक महिला प्रोफेसर के साथ हुई छेड़छाड़ को लेकर भारत सरकार गंभीर है। भारत के विदेश मंत्रालय ने भी इस मुद्दे को पाकिस्तान सरकार के साथ साझा किया है और इस मामले की गंभीर जांच की मांग भी की है। कुछ दिन पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से बयान आया था कि वे जांच कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल मार्च 2022 में नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग में कार्यरत दो कर्मचारियों ने पंजाब विश्वविद्यालय की एक महिला प्रोफेसर के साथ दुर्व्यवहार किया था। वीजा दिलाने के नाम पर महिला प्रोफेसर से शारीरिक संबंध बनाने की मांग की। महिला प्रोफेसर ने मना भी किया तो बाद में उसे भी मैसेज कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कश्मीर पर लेख लिखने के लिए उकसाने की भी कोशिश की गई।
इसकी शिकायत विदेश मंत्रालय और भारत के प्रधानमंत्री को भी की गई, लेकिन शिकायत पर ध्यान देने के अलावा आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। आखिरकार जब यह मामला मीडिया में उठा तो पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय को जवाब देना पड़ा।
भारतीय मीडिया में आवाज उठाने के बाद पाकिस्तान का विदेश मंत्रालय भी हरकत में आया। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलूच ने कहा कि पाकिस्तान में सभी वीजा और कांसुलर पोस्ट को पेशेवर तरीके से काम करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले को देखते हुए शिकायत का समय और जिस तरीके से इसे उठाया गया वह हैरान करने वाला है। सभी जन शिकायतों के निवारण के लिए एक मजबूत प्रणाली लागू की गई है। पाकिस्तान की ऐसी बदसुलुकी के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति है।



