नई दिल्ली/ब्रिटेन, 2 अक्टूबर। ब्रिटेन में डॉक्टरों की घोर लापरवाही से एक 25 वर्षीय युवक की मौत का मामला सामने आया है। न्यूयॉर्क पोस्ट की खबर के मुताबिक जोश वार्नर नामक शख्य ने सिरदर्द और जी मचलने की शिकायत की थी। वो जून के महीने में डेरेंट वैली अस्पताल गए। पेट में दर्द नहीं होने के बावजूद सीटी स्कैन किए जाने के बाद डॉक्टरों ने शुरू में उन्हें एपेंडिक्स बता दिया। अपेंडिक्स निकलवाने के लिए उन्हें सर्जरी के लिए भर्ती कराया गया था।
रिपोर्ट में बताया गया कि अपेंडिक्स का ऑपरेशन कराने के बाद घर लौटने के कुछ ही घंटों के बाद जोश वार्नर की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें फिर से अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिसके बाद उनका एक और सीटी स्कैन किया गया, जिसमें उनके दिमाग में एक विसंगति होने का पता चला। हालांकि, डॉक्टरों ने इसे महज कंप्यूटर की गलती बताया और उन्हें दोबारा डिस्चार्ज कर दिया। डॉक्टरों ने दावा किया कि यह विसंगति ‘स्कैन मशीन में समस्या’ के कारण हुई।
जोश को घर लौटने पर भी दर्द से निजात नहीं मिला, जिसके कारण वो अगले कुछ महीने तक लगातार अस्पताल के चक्कर काटते रहे। वो अपने दादा-दादी के घर गए हुए थे, जहां अचानक बाथरूम के फर्श पर गिर गए, जिसके बाद उन्हें क्वीन एलिजाबेथ अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस अस्पताल के सीटी स्कैन में भी ब्रेन ट्यूमर की बात सामने आई। 5 सितंबर को की गई बयोप्सी रिपोर्ट में पता चला कि उनका ब्रेन कैंसर काफी गंभीर है, जिसमें ज्यादा से ज्यादा कोई एक साल ही जी सकता है।
डॉक्टरों ने वार्नर को बताया था कि वो ज्यादा से ज्यादा तीन महीने ही जी पाएंगे। हालांकि अगले 12 दिन के अंदर उसकी मौत हो गई। परिवार अब डेरेंट वैली अस्पताल पर एक्शन लेने की तैयारी कर रहा है। परिवार अब घातक बीमारी के बारे में जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद में वार्नर की कहानी को सोशल मीडिया पर साझा कर रहा है। उनकी मां ईव पेटमैन ने कहा, ‘दुख की बात है कि रविवार 17 सितंबर को हमारे खूबसूरत लड़के ने आखिरी सांस ली। वह ईमानदारी से सबसे बहादुर था.’



