संगरुर (लहरागागा), 12 सितंबर | गांव खोखर कलां के युवक को ट्रैवल एजेंट से धोखा मिलने पर हताश होकर जान दे दी। ट्रैवल एजेंटों की धोखाधड़ी का शिकार हुए लखविंदर सिंह ने मलेशिया से अमृतसर पहुंचने के बाद एक गेस्ट हाउस में जहर खाकर जान दे दी।
मृतक के पिता धर्म सिंह ने अमृतसर पुलिस को एक बयान दर्ज कराया और कहा कि गांव खंडेबाद के बिट्टू सिंह और गांव गागा की दीप कौर (दोनों संगरूर जिले से संबंधित) ने उनके बेटे लखविंदर सिंह को धोखा दिया और उसे तीन साल के लिए मलेशिया भेजने के लिए कहा और उसे मलेशिया में काम दिलवा देंगे।
उन्होंने बताया कि बेटे को विदेश भेजने के लिए उन्होंने अपनी भैंसें बेच दीं और रिश्तेदारों से 9 लाख रुपये इकट्ठा कर बिट्टू सिंह को दिये। 16 अगस्त को बिट्टू सिंह अपने बेटे लखविंदर सिंह को अपने साथ ले गया और 20 अगस्त को उसका बेटा मलेशिया पहुंच गया।
मृतक के पिता ने बताया कि मलेशिया पहुंचने पर उनके बेटे को पता चला कि उसे वर्क परमिट नहीं बल्कि टूरिस्ट वीजा दिया गया है। उसने फोन पर बताया कि बिट्टू सिंह और दीप कौर ने उससे 9 लाख रुपये की ठगी की है।
बेटे ने भी बिट्टू सिंह को फोन कर बताया कि उसने उससे 9 लाख रुपये की ठगी की है, उसने बिट्टू सिंह से कहा कि वह अब कहीं का नहीं रहा, उसे जान देने के लिए मजबूर किया गया। इस पर बिट्टू सिंह ने कहा, ”कुछ भी करो, आज के बाद फोन मत करना” और मेरे बेटे का फोन रख दिया।
मृतक के पिता ने कहा कि बिट्टू सिंह और दीप कौर ने उनसे 9 लाख रुपये की धोखाधड़ी की और उनके बेटे को मरने के लिए मजबूर किया। उन्होंने उक्त एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
वहीं पुलिस ने मृतक के पिता का बयान लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।



