जयपुर, 11 सितम्बर। राजस्थान में गहलोत सरकार महिलाओं को मुफ्त स्मार्टफोन बांट रही है। सरकार की ओर से सूबे की 1 करोड़ 35 लाख महिलाओं और बेटियों को ये मोबाइल बांटे जाएंगे। लेकिन सरकार की ओर से दिए जा रहे इस मुफ्त स्मार्टफोन को हासिल करना महिलाओं के लिए लोहे के चने चबाने से कम नहीं है।
हालात ये हैं कि रात को दो बजे से लेकर दिन में दो बजे तक कतार में लगे रहने के बावजूद मुफ्त मोबाइल का टोकन नहीं मिल पा रहा है। मोबाइल का टोकन हासिल करने के लिए महिलाओं को कई दिन तक चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।जयपुर शहर के वैशाली नगर इलाके में स्थित हनुमान नगर के सामुदायिक केंद्र में भी इस योजना के मोबाइल बांटे जा रहे हैं।
यहां महिलाओं की भीड़ को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि मोबाइल लेने के लिए कितनी आपाधापी मची है। कतारों में खड़ी महिलाओं ने बताया कि उनमें से कुछ रात को दो बजे से तो कुछ तड़के चार बजे से लाइन में खड़ी हैं। इसके बावजूद मुफ्त मोबाइल के लिए टोकन नहीं मिल पा रहा है।
कुछ महिलाओं ने कहा कि वे पिछले कई दिनों लगातार आकर कतार में लग रही हैं। लेकिन रोजाना खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। मोबाइल लेने पहुंची इन महिलाओं ने आरोप लगाया कि मुफ्त स्मार्ट फोन के लिए सरकार महिलाओं को परेशान कर रही है। पूरा-पूरा दिन खराब करने के बावजूद मोबाइल नहीं मिल रहे हैं। इस तरह दिनभर महिलाओं को कतार में खड़े रखना गलत है।
वहीं मोबाइल बांटने में जुटे सरकारी कर्मचारियों का कहना है कि उनके पास मोबाइल की उलब्धता काफी कम है। उनके पास जितने मोबाइल आते हैं उसी हिसाब से टोकन देते हैं। उन्होंने बताया कि आज भी केवल 220 मोबाइल ही आएं हैं। लिहाजा वे उतने ही टोकन दे पाएंगे।
इस वजह से अधिकतर महिलाओं को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि राजस्थान की गहलोत सरकार ने पिछले दिनों महिलाओं और बेटियों को मुफ्त स्मार्ट फोन बांटने का ऐलान किया था। इस योजना को इंदिरा गांधी स्मार्ट फोन योजना नाम दिया गया है। उसके बाद इनका वितरण शुरू किया गया है।



