अमृतसर। 5 सितंबर मैडीकल शिक्षा और खोज विभाग द्वारा संचालित गुरु नानक देव अस्पताल (GNDH) के हृदय रोग विशेषज्ञों ने एक मरीज का बेहद कठिन ऑपरेशन कर उसे जीवनदान दिया। मरीज के दिल में नकली दिल यानी इम्पोला डालकर डॉक्टरों ने साढ़े दस घंटे में सफल सर्जरी की। पंजाब के किसी सरकारी अस्पताल में यह पहली ऐसी सर्जरी है। 75 वर्षीय मरीज जोध सिंह को जिले के दो बड़े निजी अस्पतालों ने सर्जरी करने से मना कर दिया था।
कार्डियोलॉजी विभाग के सहायक प्रोफेसर एवं हृदय रोग विशेषज्ञ डाॅ. परमिंदर सिंह मंगेरा ने मरीज की रिपोर्ट देखी और मरीज को अस्पताल लाने को कहा। जांच के दौरान पता चला कि मरीज के दिल की तीन धमनियां 99 फीसदी तक ब्लॉक थीं। उनमें सफेद कैल्शियम जमा था, जिसके कारण नसें सख्त हो गई थीं। हृदय भी 25 प्रतिशत काम कर रहा था। हृदय की पंपिंग बेहद कम थी और वाल्व भी कमजोर थे।
डॉ. परमिंदर के मुताबिक मरीज की हालत गंभीर थी। इसके बावजूद उन्होंने चुनौती स्वीकार की। मरीज की नब्ज चालू रखने के लिए मुंबई से मिनी हार्ट मशीन यानी इम्पोला मंगवाई गई। इस इम्पोला को मरीज के पैर की नस के जरिए दिल तक पहुंचाया गया। इसके बाद ऑपरेशन की प्रक्रिया शुरू हुई।
नसों में जमा कैल्शियम को इंट्रावास्कुलर लिथोथेरेपी बैलून से तोड़ दिया गया। बाद में स्टंट डाले गए। यह प्रक्रिया साढ़े दस घंटे तक चली। दोपहर 12:30 बजे सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद मरीज के हृदय में भेजा गया मिनी हार्ट बाहर निकाला गया। इसके बाद मरीज का दिल पूरी तरह से काम कर रहा था।



