चंडीगढ़, 5 सिंतबर : पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एक अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि भले ही किसी लड़की ने लड़के से संबंध बनाए हों तो भी उसे विवाह के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। लड़के की आत्महत्या के मामले में लड़की को अग्रिम जमानत देते हुए हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी की है।
आईलेट्स के दौरान बने थे प्रेम संबंध
मृतक के लुधियाना निवासी भाई ने पुलिस को शिकायत दी थी कि राहुल आईलेट्स कर रहा था और इस दौरान वह एक लड़की से संपर्क में आया था। दोनों एक-दूसरे से प्यार करते थे और विवाह करना चाहते थे। इस बारे में जब लड़की के परिजनों को पता चला तो उन्होंने पुलिस को शिकायत दी और दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था। इसके बाद लड़का तनाव में रहने लगा और इसी वर्ष मार्च में उसने आत्महत्या कर ली। इस मामले में लड़की को आरोपी बनाते हुए आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया गया।
याचिकाकर्ता लड़की ने हाईकोर्ट से इस मामले में अग्रिम जमानत की मांग की है। याची ने कहा कि समझौता होने के बाद से वह लड़के के संपर्क में नहीं थी। याची से कोई रिकवरी भी नहीं होनी है और वह जांच में शामिल होने को भी तैयार है। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि भले ही लड़का और लड़की के बीच संबंध थे तो भी लड़की को विवाह के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। प्रथम दृष्टतया इस मामले में लगाई गईं धाराएं साबित नहीं हो रही हैं। ऐसे में हाईकोर्ट ने लड़की को अग्रिम जमानत दे दी है।



